इस मंदिर में हिंदू और मुसलमान झुकाते हैं एक साथ सिर

इस मंदिर में हिंदू और मुसलमान झुकाते हैं एक साथ सिर

By: priti singh
December 25, 01:12
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PATNA: हमारे देश की संस्कृति में एकता बहती है, वो बात दूसरी है कि दंगे, धार्मिक कलह और ऐसी कई चीज़ें धर्म को देश की एकता से ऊपर बताते नहीं थकतीं। पर फिर भी कहीं न कहीं देश में ऐसा कुछ देखने को मिल जाता है।

जिसे देख कर इंसानियत में फिर से विश्वास हो जाता है। धर्म इंसान के लिए बना है ना धर्म के लिए इंसान। क्या आपने कभी सोचा है कि एक ही छत के नीचे दो धर्मों के लोग पूजा-पाठ या इबादत कर रहे हों।

धर्म इंसान के लिए बना है ना धर्म के लिए इंसान। आप ऐसा सोच के ही चौंक उठे हैं, तो आपको हम बताना चाहेंगे कि ऐसी जगह है अपने देश में जहां हिन्दू और मुसलमान एक साथ पूजा करते हैं और सिर झुकाते हैं।

बाबा खुदिनेश्वर धाम नाम का ये मंदिर धार्मिक एकता का मिसाल है। इस मंदिर में जहां भगवान बसते हैं, वहीं खुदा भी आपको यहीं मिल जायेंगे। भगवान शिव की आराधना के लिए प्रसिद्ध इस मंदिर में खुदनी का मज़ार भी है।

ये मंदिर बिहार राज्य के दरभंगा प्रमंडल के समस्तीपुर जिले में है। यहां हिन्दू और मुस्लिम समान रूप से अपनी भक्ति का प्रदर्शन करते हैं। दोनों धर्मों के लोग यहां स्वतंत्र होकर अपने-अपने परम्परा का पालन करते हैं।

इसके पीछे खुदनी नाम की एक मुसलमान शिवभक्त की कहानी है। सा कहा जाता है कि ये सब खुदनी की शिवभक्ति से ही संभव हो पाया है। मुसलमान होने के बावजूद भी खुदनी ऐसी शिवभक्त थी, जिसने अपनी ज़िन्दगी भगवान शिव की सेवा में बिताया।

ऐसा बताया जाता है कि समस्तीपुर के मोरबा ब्लॉक में स्थापित किया गया ये शिवलिंग 13वीं या 14 वीं शताब्दी की है। पहले ये शिवलिंग झोपड़ीनुमा मंदिर में था, जिस वजह से कोई यहां पूजा करने नहीं आता था।

खुदनी को इस मंदिर की ये हालत देख कर बहुत बुरा लगा। फिर उसने मुसलमान होने के बावजूद खुद यहां जल चढ़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद वहां एक भव्य मंदिर का निर्माण किया गया।

खुदनी के निधन के बाद उन्हें भी श्रद्धापूर्वक मंदिर के गर्भगृह में दफना दिया गया। उस दिन से लेकर अब तक इस मंदिर में जो भी शिवभक्त आता है, वो श्रध्दा से मंदिर में पूजा करता है और खुदनी की मज़ार पर सिर भी झुकाता है।

 

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