मां के थप्पड़ ने बना दिया विजेता, रिंग में सबको पछाड़कर मिस्र से पदक ले आयी बिहार की बिटिया

मां के थप्पड़ ने बना दिया विजेता, रिंग में सबको पछाड़कर मिस्र से पदक ले आयी बिहार की बिटिया

By: Anurag Goel
September 06, 10:09
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BEGUSARAI : 31 दिसंबर 2011 को बलिया में जिला स्तरीय ताइक्वांडो चैँपियनशिप प्रतियोगिता के दौरान मां द्वारा मारे गए एक थप्पड़ की प्रेरणा ने ही श्रेया को मिस्र में कांस्य पदक दिला दिया। दिसंबर 2011 से पहले ताईक्वांडो खिलाड़ी श्रेया एरिना (ताईक्वांडो की रिंग) में लगने वाले चोट से काफी घबराती थी तथा अधिकतर समय मैदान में लगने वाले चोट के भय से भाग जाती थी।

31 दिसंबर, 2011 को श्रेया जिला स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल होने के दौरान एरिना में लगने वाली चोट से घबरा कर मैच बीच में ही छोड़ कर भाग गई, जिसे देख उनकी मां कनक शर्मा काफी विचलित हुई और श्रेया को गाल पर एक थप्पड़ जड़ा दिया और तुरंत मैदान में उतरने का आदेश दिया। मां के थप्पड़ ने मेरे लिए प्रेरणा का काम किया इसके बाद मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

वह बताती हैं कि अभ्यास और विभिन्न प्रतियोगिता में भाग लेने के दौरान उसका उम्र और वजन में आनुपातिक समानता नहीं होने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जिसकी वजह से एक वर्ष 2014-15 में किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं ले सकी। यह वर्ष काफी मानसिक परेशानी वाला रहा। ऐसे वक्त में कोच नंदु कुमार के सहयोग को श्रेया बहुत ही महत्वपूर्ण मानती हैं।

वो थप्पड़ नहीं, आशीर्वाद था
मां का यह एक थप्पड़ आशीर्वाद स्वरूप नहीं मिला होता तो शायद मैं कभी इंटरनेशनल क्या साधारण खिलाड़ी भी नहीं हो पाती। शुरुआती दौर में कबड्डी, बॉलीवॉल और चेस खेला करती थी। इसी दौरान भाई शशांक के साथ टाउनशिप स्थित कल्याण केन्द्र में ताइक्वांडो खेलने जाने लगी। शुरुआती दौर में पंच से डर लगता था, लेकिन मां, पिता और भाई के सपोर्ट ने मनोबल को बनाए रखने में काफी सहयोग किया।

अबतक की महत्वपूर्ण उपलब्धि

वर्ष 2016 ई में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में अंडर-55 उम्र-12 वर्ष की चैँपियनशिप में गोल्ड,वर्ष-2016 में ही कटिहार में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड, पटना में आयोजित ओपन स्टेट लेवल चैँपियनशिप में गोल्ड जीती जिससे उसे और अधिक अभ्यास करने की ललक बढ़ी और फिर अपने बल पर वर्ष-2017 में शेखपुरा में स्कूल स्तर के आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता।

भुवनेश्वर और आगरा में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीतकर जिला और राज्य का नाम रौशन की और फिर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता मिस्र के इजिप्ट में भारत की ओर से 16 खिलाड़ियों में वह शामिल हुई, लेकिन 16 में से एक मात्र श्रेया ने देश को कांस्य दिलाने में सफल रहीं।


 

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