14 को सिद्धि योग में मनेगी मकर संक्रांति, पढ़ें जनवरी महीने के व्रत-त्योहार  

14 को सिद्धि योग में मनेगी मकर संक्रांति, पढ़ें जनवरी महीने के व्रत-त्योहार  

By: Sudakar Singh
January 07, 11:01
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Live Bihar Desk : माघ कृष्ण त्रयोदशी रविवार 14 जनवरी को इस बार सिद्धि योग में मकर संक्रांति मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि कुछ जगह भ्रांतियां फैलाई जा रही है कि इस बार 15 तारीख को मकर संक्रांति होगा, जो शास्त्र सम्मत नहीं है। क्योंकि रात्रि पूर्व खंड और दिन में संक्रांति होने से पिछले दिन ही संक्रांति मनाई जाती है। ऐसा वचन ज्योतिषशास्त्र के मूर्धन्य ग्रंथ सूर्य सिद्धांत के मध्यमा विकार में वर्णित है। 14 जनवरी को सौम्यायन संक्रांति, तिल संक्रांति, माघ स्नान आरंभ, प्रयाग में कल्पवास और सूर्य उत्तरायण होंगे। साथ ही लगन आदि भी शु़भारंभ होगा। 


ज्योतिर्वेद विज्ञान केंद्र के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा के अनुसार देवी पुराण के आधार पर रात्रि 12 बजे से पहले सूर्य के संक्रमण होने पर पूर्व दिन ही पुण्यकाल माना गया है। इसलिए मकर संक्रांति को गंगा स्नान, जप, दान, तिल का सेवन, कंबल दान, खिचड़ी सेवन, तिल का हवन करने, तिल के तेल से भगवान को दीप दिखलाने, तिल के लड्डू का भोग लगाने और स्वयं खाने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी होता है। 


जनवरी महीने के व्रत त्योहार: 
मकर संक्रांति 14 जनवरी, चतुर्दशीव्रत 15जनवरी, मौनी अमावस्या 16 जनवरी, सरस्वती पूजा 22 जनवरी, अचला सप्तमी सूर्य जन्म दिवस 24 जनवरी और माघी पूर्णिमा 31 जनवरी। 


घी का दान श्रेष्ठकारी:   
ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन घी और कंबल दान करनेवाला संपूर्ण भोगों को भोग कर मोक्ष प्राप्त करता है। मकर संक्रांति के दिन प्रात: स्नान दान, पूजा-पाठ करने से आदि भौतिक, आदि दैविक एवं आध्यात्मिक फल की भी प्राप्ति होती है। इस दिन का महत्व हमारे आदर्श सनातन धर्म में इसलिए भी ज्यादा है कि यह दिन देवताओं का प्रात:काल होता है। माघ मास में गायत्री माता की उपासना करने की परंपरा भी रही है। इसलिए माघ मास में सूर्योदय से पूर्व स्नान कर गायत्री उपासना करने से विशिष्ट फल की प्राप्ति होती है और जीवन का विकास होता है।  

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