निर्जला व्रत दिखा महिलाओं का उत्साह

निर्जला व्रत दिखा महिलाओं का उत्साह

By: Sanjeev kumar
September 13, 09:09
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PURNIA: प्रखंड क्षेत्र में जिउतिया व्रत विधि विधान के साथ बुधवार को की गई। नहाय खाय के बाद बुधवार को महिलाओं ने जिउतिया व्रत रखा। व्रतियों ने 24 घंटे का निर्जला उपवास रख कर अपने संतान की लंबी उम्र का कामना की। महिलाएं स्नान के उपरांत विधान के अनुसार तेल और खल्ली चढ़ाई। इसके बाद अपने-अपने पुरखों को याद करते हुए झिगली के पत्ते में चूड़ा-दही चढ़ाकर परिवार के बच्चों की सुरक्षा के साथ ही घर में सुख, शांति और समृद्धि के देखभाल की गुहार लगाई।
इस दिन सभी पुत्रवती महिलाएं अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए अपने पूर्वजों के साथ ही मां भगवती के मंगला रूप की पूजा करती है। इसके लिए महिलाएं स्नान के बाद पूर्वजों को ओंगठन के रूप में चूड़ा-दही चढ़ाई। इसके बाद व्रत शुरू की। इस व्रत को बहुत ही कठिन माना जाता है। इसके नियम को व्रती कठोरता से पालन करती हैं। इस व्रत में निर्जला उपवास रखा जाता है। ब्रती अन्न जल कुछ भी ग्रहण नहीं करती हैं। इतना ही नहीं इस दौरान किसी को व्रती से कोई कष्ट एवं परेशानी नहीं हो, इसका ध्यान रखा जाता है। किसी की बुराई अथवा अपशब्द भी बोलने से परहेज किया जाता है। व्रत के दौरान महिलाएं किसी भी जीव-जंतु को भी हानि होने से बचाने का प्रयास करती है। इस बार व्रत का निर्जला उपवास मंगलवार की देर रात्रि 1:45 से शुरू होकर गुरुवार को सूर्योंदय तक है।
पंडित सचिदानंद बाबा कहते हैं हिंदू पंचांग के अनुसार यह व्रत आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पुत्र की लंबी आयु तथा उत्तम स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। इसे जिउतिया व जीमूतवाहन व्रत भी कहते हैं। खासतौर पर यह व्रत बिहार, उत्तर प्रदेश एवं नेपाल में हर्षोल्लासपूर्वक मनाया जाता है।
 

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