कंपकपाती ठंड में जहरीले सापों का ‘घर’ है यहां, गर्मी में छोड़ देते हैं जंगलों में  

कंपकपाती ठंड में जहरीले सापों का ‘घर’ है यहां, गर्मी में छोड़ देते हैं जंगलों में  

By: Anurag Goel
January 14, 04:01
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SAMASTIPUR : सांप का नाम सुनते ही कई लोग डर जाते हैं। लेकिन उजियारपुर प्रखंड के मालती गांव में वाले हरेराम पासवान ने सांपों को अपना दोस्त बनाया है। इनसे इनकी दोस्ती इतनी गहरी है कि इन्होंने बढ़ती ठंड में सांपों को अपने घर में सहारा दिया है।

ठंड के मौसम में हरेराम पासवान सभी विषैले सांपों को निकाल कर आग  से गरमा कर डब्बे में बंद कर रख देते हैं। खेतों में मजदूरी करने वाले हरेराम पासवान शौकिया तौर पर तालाब से मछली पकड़ते थे इस दौरान इसके जाल में मछली के अलावा सांप भी फंस जाते थे। तब ये सांपों को वापस छोड़ देते थे। इस काम में हरेराम को इतनी खुशी मिली की इन्होंने सांपों से दोस्ती कर ली। 

सैकड़ों सांप को दी है घर में पनाह
धीरे-धीरे ये बात गली- मोहल्ले से निकल कर आस-पास के गांवों में फैल गयी। अब आलम ये है कि किसी भी घर में सांप निकले वो हरेराम को ही याद करते हैं। कड़ाके के इस ठंड में इन्होंने सैकड़ों नाग को अपने घर में पनाह दी है और अब इनका बेटा सन्नी भी इस काम में इनकी मदद करता है। पासवान का कहना है कि गर्मी आते ही ये सांपों को जंगल में छोड़ देते हैं।


बेटी और पत्नी रहती हैं दहशत में 
वहीं, हरेराम के इस काम से उनकी पत्नी और मासूम बेटियां तो दहशत में रहती ही हैं गांव वाले भी परेशान रहते हैं। थोड़ी सी चूक से किसी की भी जान जाने का खतरा बना रहता है। लेकिन बावजूद इसके पासवान पिछले  नौ सालों ये काम करते आ रहे हैं। हालांकि इस मामले में ग्रामीणों का कहना है कि हरेराम को सरकार या वन विभाग से मदद मिलनी चाहिए।

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