सीएम पर हमला: ददन पहलवान को थाने में रसगुल्ला खिलाने के लिए नहीं बुलाया गया था

सीएम पर हमला: ददन पहलवान को थाने में रसगुल्ला खिलाने के लिए नहीं बुलाया गया था

By: kanhaiya bhelari
January 14, 06:01
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LIVE BIHAR DESK : मौका-ए-वारदात की फिजां और हकीकत तलाशने में जुटी इनक्वायरी टीम के पास पुरकस एविडेन्स है कि सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर बक्सर जिले के नंदन गांव में की गई पत्थरबाजी की तार कहीं न कहीं से लोकल विधायक ददन यादव उर्फ ददन पहलवान के साथ जुड़ी है। पुलिस ने विधायक को कल थाने में केवल रसगुल्ला खिलाने के लिए नहीं बुलाया था।


सीएम की समीक्षा यात्रा को सफल बनाने की नीयत से नंदन गांव में ड्यूटी कर रहे एक एडीएम रैंक के अधिकारी का कहना है कि “पछले एक महीने में रूलिंग पार्टी के विधायक ददन पहलवान तीन बार नंदन गांव का अकारण विजिट किये और वे भी वही भाषा बोल रहे थे जो काफिले पर अटैक करने वाले बोल रहे थे। अधिकारी का आगे कहना है कि पहलवान प्रशासन पर वल्गर तरीके से दबाव बना रहे थे कि गांव में जो विकास का कार्य कराया जा रहा है उसका ठेका उनके समर्थकों को दिया जाये। विधायक को समझाया गया कि नंदन गांव में सारा काम वार्ड प्रबंधन समिति के माध्यम से हो रहा है।


नाम नहीं छापने की शर्त पर उस अधिकारी ने बताया कि "ददन पहलवान की जिलाधिकारी से तत्कालिक खुन्नस इस बात को लेकर थी कि डीएम ने उनको सभा मंच के ठीक आगे में टेंट लगाकर 1000 कुर्सी लगाने का परमिशन नहीं दिया।" पहलवान ने अपने समर्थकों के बीच डीएम को सबक सिखाने की धमकी भी दी थी जिसकी जानकारी लोकल पुलिस प्रशासन को थी। आखिर इसे क्यों गंभीरता से नहीं लिया गया? गांव में भीड़ को कन्ट्रोल करने के लिए मात्र 32 लाठी पुलिस की तैनाती की गई थी। सबसे आश्चर्य की बात ये है कि केवल 4 महिला पुलिस का डिप्लायमेंट किया गया था। जबकि भयानक ठंड में भी नंदन गांव से आग की गर्मी की लौ पुलिस प्रशासन के तन-बदन तक बाकायदा पहुंच रही थी।


सीएम के काफिले पर हिंसक अटैक में शामिल महिलाओं में 40 प्रतिशत मनरेगा की मजदूर थीं। घटना का नजारा अपने चक्षु से देखने वाले बताते हैं "कुछ महिला अटैकर जोर जोर से चिल्ला रहीं थीं कि सीएम महोदय बताइये कि बालू को क्यों बंद किया गया है"। अब सवाल उठता है कि बालूबंदी से इन महिलाओं का क्या लेना-देना है? एडीएम ने बताया कि "घटना के दिन एक महिला पालीटिकल कैडर की तरह निडर भाव से गांव में प्रवेश करने वाली गाड़ियों की गेट को खोल कर पूछ रही थी सीएम कहां है?" उस महिला की अरेस्टिंग अभी तक नहीं हुई है। अधिकारी के अनुसार पूछताछ में जांच टीम को वह अहम जानकारी दे सकती है। खबर है कि गांव का पप्पू राम पत्थरबाजों का हौसलाअफजाई कर रहा था। ये विधायक का खास आदमी है और घटना के बाद से ही फरार है।


पुलिस को पता हो गया कि नंदन गांव के दलित और पिछड़े महिलाओं के कंधे पर बन्दूक रखकर अपनी बुझती राजनीति को चमकाने का कौन प्रयास कर रहा था? बहरहाल, पकड़ने में देर इसलिये हो रही है कि मछली अपने ही तालाब की है। जाएगा कहां?
    

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