पांच साल बाद जेडीयू-बीजेपी का एक-दूसरे को न्योता, 'दही-चूड़ा' पर सबकी निगाहें

पांच साल बाद जेडीयू-बीजेपी का एक-दूसरे को न्योता, 'दही-चूड़ा' पर सबकी निगाहें

By: Sudakar Singh
January 14, 03:01
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Live Bihar Desk : पूरे देश समेत बिहार में भी आज मकर संक्रांति पर्व की धूम है। यूं तो मकर संक्रांति के अवसर पर दही-चूड़ा, तिलकुट, गजक और खिचड़ी समेत अन्य व्यंजनों की धूम रहती है लेकिन बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के भोज का खासा महत्व है।

बिहार की सियासत में 'दही-चूड़ा भोज' की कितनी महत्ता रही है इसकी बानगी हर साल देखने को मिली है। ऐसा ही नजारा आज भी देखने को मिलेगा जब एक साल पहले लालू के हाथों से दही का तिलक लगवाने वाले नीतीश आज पहले अपनी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा आयोजित भोज में शामिल होने के बाद लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान और फिर भाजपा के नेताओं द्वारा आयोजित भोज में भी शामिल होंगे।

बिहार में दही-चूड़ा भोज के जरिये राजनीति अपनी महत्ता को बताती रही है। पिछले साल महागठबंधन में रहने के दौरान राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद द्वारा आयोजित भोज में लालू-नीतीश कुमार की करीबियां दिखी थीं। तब लालू ने नीतीश को दही का टीका (तिलक) लगाया गया था। लालू-नीतीश साथ थे और दही का तिलक लगाती ये तस्वीर पूरे देश की मीडिया के लिये सुर्खियां बनी थीं, लेकिन इस बार तस्वीर बिल्कुल उलट है।

नीतीश तो सियासत के साथ-साथ भोज का आनंद ले रहे हैं लेकिन लालू फिलहाल जेल में हैं। चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू के जेल में रहने और उनकी बहन की मौत के बाद उनके आवास 10 सर्कुलर रोड पर चर्चित 'दही-चूड़ा भोज' का आयोजन इस साल नहीं हो रहा तो दूसरी तरफ जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह अपने पुराने अंदाज में दही-चूड़ा भोज का आयोजन कर रहे हैं।

वशिष्ठ नारायण सिंह की ओर से ये भोज पटना के 36, हार्डिग रोड स्थित आवास में हो रहा है। इस भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत पार्टी के सभी वरीय नेता, सांसद, मंत्री, विधायक, विधान पार्षद, पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता के अलावा एनडीए के नेता भी शामिल होंगे।

वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा दिये जाने वाले इस भोज में भागलपुर का कतरनी चूड़ा, पश्चिमी चंपारण के मर्चा धान का चूड़ा समेत गया का तिलकुट परोसा जाएगा। इसके साथ-साथ भूरा-चीनी के अलावा आलू, गोभी, मटर, टमाटर की मिक्स सब्जी का भी नेता व कार्यकर्ता लुत्फ उठा पाएंगे। भोज के लिये दही दियारा समेत ग्रामीण क्षेत्रों से मंगाई गई है। साथ ही सुधा डेयरी से भी दही मंगाया जाएगा।

जेडीयू के भोज में इस बार लोगों की संख्या ज्यादा होगी। खुद प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने इस भोज में भाजपा के प्रदेश के नेताओं समेत मंत्रियों के अलावा केंद्रीय मंत्रियों को भी आमंत्रित किया है। सियासी जानकारों की मानें तो भाजपा के नेताओं को पांच साल बाद जद (यू) के दही चूड़ा भोज में शामिल होने का मौका मिलेगा। इससे पहले जब राष्ट्रीय जनतांत्रिक सरकार (राजग) की सरकार थी तो 2013 के भोज में सभी एक साथ शामिल हुए थे।

लालू के जेल में रहने के बावजूद उनके चाहने वाले रांची तक दही-चूड़ा लेकर पहुंचे हुए हैं, ये बात अलग है कि न तो उनके सरकारी आवास और न ही पार्टी कार्यालय में किसी तरह के भोज का आयोजन किया जा रहा है।
 

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