JDU विधायक के सामने ही पुलिस ने ग्रामीणों को जानवरों की तरह पीटा, वीडियो हुआ वायरल 

JDU विधायक के सामने ही पुलिस ने ग्रामीणों को जानवरों की तरह पीटा, वीडियो हुआ वायरल 

By: Roshan Kumar Jha
January 14, 11:01
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PATNA : सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के काफिले पर हमले के बाद पूरी तरह से अफरातफरी मच गई थी। आक्रोशित महिलाएं व शरारती तत्व पुलिस व अन्य वाहनों पर ईंट-पत्थर चला रहे थे। यह देख पुलिस ने भी अपना आपा खो दिया। आक्रोशितों पर लाठी भांजने लगी। स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई। सभी अपनी जान बचाकर भागने लगे। पुलिस वालों ने ग्रामीणों की जमकर पिटाई की। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। जिसमें दिख रहा है कि एक युवक अपनी जान बचाते हुए भागने की कोशिश में गिर जाता है। लेकिन, उस पर दया के बजाय पुलिस वालों का कहर बरपता है।

युवक हो गया बेहाल तो पुलिस ने छोड़ दिया
पुलिस कर्मियों ने उसे पीटना शुरू कर दिया है। युवक की पिटाई स्थानीय विधायक ददन पहलवान के सामने हो रही है। विधायक ददन पहलवान मूकदर्शक बने हुए हैं। जब युवक बेहाल हो गया तो उसे छोड़ा गया। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश है। सभी का कहना है कि पुलिस निर्दोषों की पिटाई कर रही थी। लेकिन विधायक ने भी पुलिस कर्मियों को नहीं रोका। आखिर किस लिए विधायक चुने गए हैं। जब गरीब व दलितों के लिए खड़े नहीं हो सकते हैं। इतना ही नहीं वायरल वीडियो में पुलिस के जवान घरों में दुबके लोगों को भी बाहर निकालने के प्रयास में दरवाजा तोड़ते दिखे रही है। ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस कर्मियों ने घर में घुसकर भी पीटा है।

अधिकारियों की कार्यशैली की जांच
सूबे के सीएम नीतीश कुमार का नंदन में विकास के समीक्षा यात्रा के दौरान आगमन है। इसे सभी जानते थे। इसे लेकर तैयारी दो माह पूर्व से चल रही थी। नंदन गांव को लंदन के रूप में तब्दील किया जा रहा था। वहीं आखिर किस कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता गया। और सीएम के काफिले पर हमला कर दिया। प्रधान सचिव आनंद किशोर ने कहा कि अफसरों की कार्य शैली की जांच की जा रही है। जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। रिपोर्ट शीघ्र मुख्यालय काे सौंप दिया जाएगा।

नंदन जाने के बहाने भाग जाते थे घर
सीएम के विकास समीक्षा यात्रा के दौरान जिले के नंदन गांव में आने की खबर सुनकर प्रशासन पूरी तैयारी में जुट गया था। इसे लेकर कई पदाधिकारियों को वहां नियुक्त किया गया था। ताकि युद्धस्तर पर कार्य किया जा सके। लेकिन इस बात की भी चर्चा है कि वहां नियुक्त नोडल पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी नंदन जाने के बहाने अपने घर की ओर रवाना हो जाते थे। ऐसे में पूरे गांव का विकास नहीं कर चिह्नित वार्ड को विकसित किया गया।

कमजोर रही बैरिकेडिंग
विवादों में रहने वाले भवन निर्माण के कार्यपालक अभियंता राजेंद्र प्रसाद फिर एक बार चर्चा में हंै। प्रशासन व आमलोगों के बीच चर्चा का विषय है कि सीएम के काफिले के रूट में बैरिकेडिंग की गई थी। इतना कमजोर बैरिकेडिंग किया गया था कि महिलाएं आराम से बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए मुख्य सड़क पर आ गई। पुलिस कर्मियों से धक्का-मुक्की करते हुए काफिले के सामने आने का प्रयास किया। कुछ सामने आने में सफल भी हो गई।

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