ऐसी है इस गैंगस्टर की लव स्टोरी, वसूली के लिए किया कॉल और हो गया प्यार

ऐसी है इस गैंगस्टर की लव स्टोरी, वसूली के लिए किया कॉल और हो गया प्यार

By: Basant kumar
January 13, 04:01
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LIVE BIHAR DESK : धनबाद पुलिस के लिए सरदर्द रहा गैंगस्टर सूरज सिंह काफी कुख्यात माना जाता है। हत्या और रंगदारी के कई मामलो को अंजाम दे चुका सूरज पुलिस की पहुंच से अब भी बाहर है। पिछले साल ऐसी चर्चा थी कि गैंगस्टर सूरज सिंह अब जिंदा नहीं है। उसके एक शागिर्द शिव शर्मा ने पुलिस को उसके डेंगू से मौत हो जाने की जानकारी दी थी। लेकिन अब पुलिस इस जानकारी को झूठा मान रही है। सूरज की लव स्टोरी भी काफी सुर्खियों में रही थी।

दरअसल रंगदारी मांगने के लिए जेल में बंद सूरज ने एक समय धमकी भरा फोन रामगढ़ के एक बड़े कारोबारी को किया था। उसे फोन पर अपने इस सवाल के जवाब का इंतजार था। जवाब नहीं मिला, तो उसका गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया। वह फोन पर गाली देने लगा। तभी फोन पर एक आवाज आई। आवाज कारोबारी की नहीं, बल्कि एक लड़की की थी। डरी-सहमी सी आवाज ने हैलो क्या बोला, सूरज चुप हो गया।

लड़की ने कहा कि कितना गाली देते हो। किस बात की रंगदारी। गलत नंबर लगा है। नंबर तो चेक कर फोन करो। लड़की दो मिनट तक बोलती रही और सूरज उसे सुनता रहा। कहा जाता है कि यह पहला मौका था, जब सूरज ने अनिता की आवाज सुनी थी। रॉन्ग नंबर पर हुई बातचीत ने उसे रातभर सोने नहीं दिया। उसके साथ उस समय जेल में बंद गिरोह के सदस्य सतीश (बदला हुआ नाम) के अनुसार सूरज ने सुबह में फिर उसी नंबर पर कॉल किया। अनिता की आवाज सुनी और फोन काट दिया। धीरे-धीरे यह सिलसिला बढ़ता गया और दोनों एक-दूसरे के करीब आने लगे। सतीश कहता है कि सूरज की प्रेम कहानी जेल में मजाक का विषय बन गया था।

जेल से निकलने के बाद सूरज अपनी गर्लफ्रेंड अनिता से मिलने रामगढ़ पहुंचा। उसने अनिता को पाने के लिए उसके पड़ोस में किराए पर मकान लिया। वो करीब दो साल तक रामगढ़ में रहा। अनिता के पिता एक कोयला कारोबारी थे। उन्हें जब बेटी के इस प्रेम का पता चला तो उन्होंने इसे स्वीकार नहीं करने का एलान किया।

सूरज की आपराधिक दुनिया अनिता के पिता को पसंद नहीं थी, पर अनिता को सूरज का गैंगस्टर कहलाना पसंद था। हथियार, पैसा और महंगे गिफ्ट उसे अच्छे लगते थे। प्रेम अब परवान चढ़ रहा था। अनिता ने एक बार फिर अपने पिता को समझाने की कोशिश की। पर पिता का जवाब नहीं बदला। सूरज ने अनिता को साथ भागने का ऑफर दिया। अनिता तैयार हो गई। फिर क्या था, एक दिन दोनों रामगढ़ से फरार हो गए। अनिता को लेकर सूरज तेतुलमारी (धनबाद) स्थित अपने पिता के घर पहुंचा। दोनों लिव इन रिलेशन में रहने लगे। सूरज ने तेतुलमारी में रहकर अपने गैंग को नया आकार दिया।

कई माह तक साथ में रहने के बाद सूरज ने साल 2011 में अनिता के साथ शादी का निर्णय किया। शादी के लिए देवघर को चुना गया। अनिता को लेकर सूरज देवघर स्थित वैद्यनाथ धाम पहुंचा और यही उसने शादी रचाई। परिवार के कुछ सदस्य भी शादी में पहुंचे। देवघर में शादी कर सूरज पुन: तेतुलमारी आ गया।

शादी के बाद अनिता कभी भी सूरज से दूर नहीं रही। गैंग के लोगों की मानें तो धनबाद में पुलिस की दबिश बढ़ी तो सूरज को यहां से भागना पड़ा। उसके साथ अनिता भी धनबाद से भाग गई। दोनों कई माह तक बनारस में रहे। सूरज छपरा गया तो अनिता भी साथ गई। सूरज और अनिता के साथ गैंग के तीन लोग हमेशा साथ रहते थे, जिसमें शिव शर्मा एक था।

बताते चलें कि धनबाद के करीब आधे दर्जन मामलों में सूरज सिंह वांटेड है, जिसमें कुछ मामलों में कुर्की जब्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। दो साल पूर्व ही उसके माता-पिता यहां आवास छोड़ कहीं और रहने चले गए। पिछले साल सूरज की मां ने तेतुलमारी थाने में आकर उसके मौत का दावा किया थर। पर पुलिस इसे अमान्य मान रही है।

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