आरोप थप्पड़ मारने का और 27 साल से मिल रही तारीख-पे-तारीख, 5 आरोपियों की हो चुकी है मौत

आरोप थप्पड़ मारने का और 27 साल से मिल रही तारीख-पे-तारीख, 5 आरोपियों की हो चुकी है मौत

By: Sudakar Singh
December 06, 03:12
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Bhagalpur : कोर्ट में सैकड़ों ऐसे छोटे और सिंपल केस हैं, जो गवाह और सबूत के इंतजार में वर्षों नहीं दशकों तक तारीख पर जिंदा है। साेमवार को 27 साल पुराने मामले की जब सुनवाई शुरू हुई। 76 वर्षीय अबू बकर फैसले को लेकर एसीजेएम-14 की कोर्ट में पहुंचा। उस पर साधारण मारपीट का मुकदमा है। कटघरे में फरियादी अबु बकर ने कहा- हुजूर, 76 साल का हूं, पांव कब्र में, अब तो फैसला सुना दीजिए। 27 साल से कोर्ट-कचहरी करते-करते बाल सफेद हो चुके हैं।
 
अबु बकर की दलील पर जब एसीजेएम आरके मिश्रा ने तारीखों से मोटी हो चुकी फाइल के अंतिम कागजातों को पढ़ना शुरू किया तो वे भी बुदबुदा पड़े... हद हो गई। अबु बकर की ओर से सीनियर वकील कामेश्वर पांडेय और उमेश पांडेय ने कोर्ट बताया कि 2 जून 1993 को पिथना गांव में खेत में काम करने के सवाल पर पड़ोसी मोहम्मद एेनुल हक ने झगड़े के बाद थप्पड़ मारने के आरोप का मुकदमा दर्ज करा दिया।
 
अबु बकर के वकील की दलील पर कोर्ट ने माना कि मुकदमे में इतनी देरी ठीक नहीं। इससे तो आम लोगों को न्याय पर भरोसा उठ जाएगा। तारीख पर तारीख लेकर मुकदमों को लंबा खींचने का वक्त चला गया। वकीलों को भी इस पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सहायक अभियोजन पदाधिकारी को भी कहा कि पुराने मामले में जल्दी गवाही के लिए त्वरित कार्रवाई करें। संबंधितों को नोटिस-समन भेजकर बुलाया जाए।
क्या है भादवि की धारा 143- जो कोई विधि विरुद्ध जमावड़े का सदस्य होगा, उसपर आरोप साबित होने के बाद छह माह की सजा या जुर्माना या दोनों से दंडित किया जाएगा।
क्या है भादवि की धारा 323- जो व्यक्ति जान बूझकर किसी दूसरे व्यक्ति या व्यक्तियों को मामूली रूप से चोट पहुंचाता है। आरोप साबित होने पर एक साल तक की कैद या एक हजार रुपये बतौर जुर्माना या दोनों से दंडित किया जायेगा।  

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