ओलंपिक में स्वर्ण दिलाने के लिए तैयार है रांची क्रीड़ा विश्वविद्यालय

  • 29 Dec, 2016
  • Roshan Kumar Jha

2020 में होने वाले ओलंपिक खेलों में भारत में अधिक से अधिक स्वर्ण पदक लाने के लिए झारखण्ड के रांची के खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में स्थापित क्रीड़ा विश्वविद्यालय ने अभी से अपनी कमर कस ली है।

क्रीड़ा विश्वविद्यालय में खिलाड़ियों को वर्ल्ड क्लास कोचिंग देने के लिए बेहतरीन प्रशिक्षकों को नियुक्त किया गया है। कोयला मंत्री पियुष गोयल तथा झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के लिए भी रांची की क्रीड़ा विश्वविद्यालय प्राथमिकता है।यहां किसी की पैरवी नहीं चलती और न ही क्रीड़ा विश्वविद्यालय में पैसे की कोई कमी है। उक्त बातें सेन्ट्रल कोलफिल्ड्स लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक तथा भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के प्रभारी अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक गोपाल सिंह ने आज पत्रकारों से कही।

 उन्होंने पत्रकारों को बताया कि झारखण्ड राज्य में खेल के विकास के लिए झारखण्ड सरकार तथा सेन्ट्रल कोलफिल्ड्स लिमिटेड के बीच विगत 17 जून 2015 को सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया है। इसके अंतर्गत खेलगांव के समग्र रूप से रख-रखाव, संचालन एवं क्रीड़ा अकादमी और क्रीड़ा विश्वविद्यालय के गठन का निर्णय लिया गया है। साथ ही झारखण्ड राज्य स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसायटी का गठन भी किया गया है। श्री सिंह ने बताया कि क्रीड़ा विश्वविद्यालय में नामांकन के लिए एक लाख से अधिक आवेदन आए थे। 

आवेदनों के आधार पर चयन प्रक्रिया इस साल जनवरी में आरंभ की गई। प्रक्रिया के तहत 24 लड़कियों तथा 54 लड़कों का चयन किया गया। इन बच्चों के प्रशिक्षण, 12वीं तक की शिक्षा इत्यादि की सारी जिम्मेवारी क्रीड़ा विश्वविद्यालय की है। कहा कि यहां आने वाले बच्चों का भविष्य संवर जाएगा। श्री सिंह ने बताया कि अभी क्रीड़ा विश्वविद्यालय में बैडमिंटन, हॉकी, फुटबोल, कुश्ती, आर्चरी, टाइकांडो, वॉलीबॉल तथा एथलेटिक्स में प्रशिक्षण आरंभ कर दिया गया है। इसमें अधिक से अधिक बच्चों का चयन करने के लिए झारखण्ड के अन्य जिलों के साथ-साथ धनबाद में भी दो दिवसीय कैंप लगाया जाएगा।

8 फरवरी 2017 को इण्डियन स्कूल ऑफ माइंस के लोवर ग्राउंड में तथा 9 फरवरी को जेलगोरा स्टेडियम में कैंप लगाया जाएगा। उन्होंने बच्चों के माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चे को इसमें शामिल करें। यह प्रक्रिया 23 जनवरी से रामगढ़ जिले से आरंभ की जाएगी। रांची के खेलगांव में चयन प्रक्रिया का समापन 9 मार्च को किया जाएगा।


16 मार्च से 20 मार्च तक रांची के खेलगांव में 5 दिवसीय ट्रायल होगा जिसमें प्रत्येक जिले से सर्वश्रेष्ठ 50 बच्चों का चयन किया जाएगा।श्री सिंह ने बताया कि क्रीड़ा विश्वविद्यालय में 4 प्रशिक्षकों को चयन किया जा चुका है। इसके लिए व्यापक बजट भी तैयार किया गया है। अब तक बुनियादी ढ़ांचे के सुधार, बच्चों के प्रशिक्षण, कपड़े, भोजन, खेल सामग्री, शिक्षा इत्यादि में 42 लाख खर्च किये जा चुके हैं। यहं लड़कियों और लड़कों की अलग-अलग होस्टल भी है।

साथ ही यहां के बच्चे अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण के साथ फौज की तरह अनुशासन का पालन करते हैं। कहा कि क्रीड़ा विश्वविद्यालय की सोच बड़ी है और इसके मापदंड भी कठोर है। पत्रकार वार्ता में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के प्रभारी अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक गोपाल सिंह, निदेशक (कार्मिक) बी।के। पाण्डा, निदेशक (वित्त) के।एस। राजशेखर, निदेशक (तकनिकी) डी। गंगोपाध्या, झारखण्ड राज्य स्पोर्ट्स प्रोमोशन सोसायटी के सदस्य कर्नल विक्रांत मलहान, पुष्पा हस्सा, आलोक कुमार, बीसीसीएल के उप-प्रबंधक (जनसंपर्क) आर।आर। प्रसाद सहित कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।