मकर संक्रांति में चंद दिन शेष हैं, मगर बाजार तिलकुट की खुशबू से गुलजार है

  • 03 Jan, 2017
  • Shashank Kumar

मुजफ्फरपुर: जगह-जगह तिलकुट की दुकानें सज गई हैं।

स्थानीय और गया के कारीगर तिलकुट बनाने में लगे हैं। हर चौक-चौराहे पर चूड़ा, तिलकुट और लाई की दुकानें सजी हैं। जनवरी शुरू होते ही बाजार में तिलकुट की बिक्री तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि वैसे भी ठंड में तिलकुट खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है, इसलिए वे स्वाद व सेहत का ख्याल रखते हुए खरीदारी कर रहे हैं। 
खोया तिलकुट कुछ महंगा, लेकिन सबसे खास है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल कीमत भी कुछ ज्यादा है, फिर भी अन्य मिठाइयों की अपेक्षा सस्ता होने के कारण लोग लेने से नहीं चूक रहे। शहर के विभिन्न तिलकुट दुकानों में गुड़, चीनी और खोया के तिलकुट बनने शुरू हो गए हैं। तिलकुट विक्रेताओं की मानें तो इसके लिए गया से कारीगर बुलाए गए हैं।
रेट प्रति किलो (रुपये में)
गुड़ तिलकुट 200-260
चीनी तिलकुट 140-260
सफेद तिल लड्डू 180-220
काला तिल लड्डू 200-240
खोया तिलकुट 300-320
रेवड़ी 180-200
लाई 80-100
चूड़ा 26-30
चूड़ा कतरनी 48-50
गुड़ 38-44
काला तिल 110-120
सफेद तिल 110
उड़द दाल 110-120
मूढ़ी 45-50

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