धरती-आसमान, चारों ओर बस गुरु का नाम, सब कुछ अद्भुत, अतुलनीय

  • 05 Jan, 2017
  • priti singh

PATNA: सड़क बुहारते सिख श्रद्धालु। पानी से सड़क धोतीं महिलाएं। फिर फूलों की बारिश। आगे-आगे पंच प्यारे और सोने की पालकी में विराजे गुरु ग्रंथ साहिब। गुरुवाणी का पाठ चल रहा और शबद-कीर्तन भी। सब कुछ अद्‌भुत, अतुलनीय।

पहली बार निकली भव्य नगर कीर्तन यात्रा। 350 साल साहिब-ए-कमाल दशमेश पिता दे नाल...। जो बोले सो निहाल.. सत् श्री अकाल...। ऐतिहासिक मौके के साक्षी बने पटना के लोग। नगर कीर्तन में जनसैलाब उमड़ा।
संगत के साथ स्थानीय श्रद्धालुओं की संख्या तीन लाख से अधिक। नजारा ऐसा, मानो पटना में उतर आया पंजाब। देश-विदेश से आई संगत कीर्तन में शामिल हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा, जर्मनी के साथ पंजाब, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के सिख श्रद्धालु।
9 बजे से नगर कीर्तन सजने लगा, 10 बजे गांधी मैदान से यात्रा शुरू हुई और देर रात 10 बजे तख्त साहिब पहुंची। इधर नगर कीर्तन चल रहा था और बसों से संगतों का आना भी जारी था। बसों की खिड़कियों से नगर कीर्तन का नजारा देख संगतें निहाल हो गईं।
चेहरे पर खुशी के भाव लिए दोनों हाथ जोड़ कर अभिवादन करते दिखे। इस बीच अमेरिका से आई सिख लड़कियां गतका खेलने लगीं। फूलों से सजी कारें और उसके ऊपर गुरु गोविंद सिंह जी की तस्वीर। संगतों के अलावा स्थानीय लोग भी कीर्तन में शामिल थे।
जो शामिल नहीं हो सके अशोक राज पथ के बीच रोड में बने डिवाइडर पर चढ़कर अपलक निहार रहे थे एक-एक दृश्य को। करगिल चौक से गायघाट चौक के दोनों ओर के घर छतों के अलावा जिसे जहां जगह मिली, लोग यात्रा को निहारने लगे।
मोबाइल से फोटो खींचने सेल्फी लेने की भी होड़ दिखी। सब्जीबाग में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग और कैथोलिक चर्च के पास ईसाई समुदाय के लोग श्रद्धा भाव से स्वागत की मुद्रा में खड़े रहे। यात्रा में धर्म-मजहब का फर्क रहा। और, साकार हुई सर्वधर्म समभाव की यह यात्रा।
दो हाथी और उस पर कृपाण, तेगा, तलवार, बरछा-भाला आदि अस्त्र-शस्त्र से सुसज्जित सिख युवा सवार थे। कई ट्रॉली वाली ट्रकों पर गतका का प्रदर्शन चला। तलवारें टकराईं। इन सबके बीच एक वाहन पर रखे विशेष तोप से सिख युवक गोले छोड़ते हुए आगे बढ़े।
युद्ध कला शौर्य का नजारा दिखा। सत करतार आर्मी पाइप बैंड हसदा पंजाब पाइप बैंड में शामिल सिख जवान डुग्गी, ड्रम बीन बजाते हुए करतब दिखाते चल रहे थे। बड़ा मनोरम दृश्य।
दशमेश म्यूजिकल ग्रुप धनबाद, लल्लू पंजाबी भांगड़ा टीम, गुरु गोविंद सिंह गर्ल्स मिडिल स्कूल की बैंड पार्टी समेत कई झांकियां भी आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

संगतों की सेवा में कुल्हड़िया कॉम्पलैक्स के पास मां वैष्णो देवी सेवा समिति के लोग सक्रिय सड़क किनारे मंच बना है। मंच से संगत प्रमुख, जत्थेदार, कीर्तन मंडली, ऑकेर्स्टा कलाकारों को सम्मानित किया जा रहा है।
पानी की बोतल, पकौड़े, चाय-काफी का इंतजाम है। अध्यक्ष सरदार जगजीवन सिंह, आरएस जीत, मुकेश हिसारिया आदि सेवा में लगे हैं। पास में ही मारवाड़ी युवा मंच की सेवा चल रही है। सब्जीबाग में विधायक नितिन नवीन की ओर से व्यवस्था थी।
नगर कीर्तन में विभिन्न जगहों से आई ऑर्केस्ट्रा मंडली नगर कीर्तन को निहाल कर रही है। चन चमके ते मत्था पेआ दमके, अज पटने शहर रोशनाइयां माता गुजरी नू देओ जी बधाइयां... इस तरह के कीर्तन से गुरु महाराज के प्रति आस्था जताते कलाकार।
कुल्हड़िया कॉम्पलेक्स के पास मां वैष्णो देवी सेवा समिति के मंच से लखबीर सिंह लक्खा और टाटा से आए हरजीत सिंह हीरा, जसमीत कौर और शशि जी का गायन चल रहा था। संत बाबा इकबाल सिंह के स्कूल हिमाचल कुवड़ू साहिब के बच्चों ने गुरुवाणी और गुरु की महिमा गाई।
दशमेश म्यूजिकल ग्रुप निरसा धनबाद, धनबाद के ही विक्की छाबड़ा, पटना सिटी के सोनू अरोड़ा आदि की टीम शबद-कीर्तन से नगर कीर्तन को निहाल कर रहे थे।
 

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