नीलगाय लील रही किसानों की खून पसीनों की कमाई

  • 03 Jan, 2017
  • Sanjeev kumar

Sheohar( Gautam Gupta): किसान अपनी खून पसीना बहा कर अन्न का उत्पादन करते हैं। किसानों के लिए जीविका का स्रोत मात्र उनका फसल होता है। धुप हो या कड़ाके की ठण्ड अपनी मेहनत कर हमलोगों को अन्न उत्पादन कर हमारे जीवन की रक्षा करते है।

इस वक्त किसान दोहरी मार झेल रहे हैं। पिछले साल कम बारिश के कारण फसल अच्छी नहीं हुई। इस साल नीलगाय उनके फसलों को नुकसान पहुंचा रहे है। जब नीलगायों का झुण्ड किसी किसान के खेत से गुजरता है तो अपने पैरों तले फसल को बर्बाद होते हुए चला जाता है।
इन दिनों नीलगाय निकलते हुए खेतों में नज़र आ रहे हैं। नीलगाय के कारण कानुआनी, फत्मचक, दुम्मा, धोबाही, हनुमान नगर, फतहपुर, आदि इलाके दहशत में है। नीलगाय खेत चाहे गेहू की हो या मकई या लहरी,दलहन, ईख, धान के फ़सल को बर्बाद करते है। आखिर किसान करें तो क्या करे? किसके भरोसे उनका जीवन है? 

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