'धोनी क्रिकेट के नरेंद्र मोदी हैं'

  • 05 Jan, 2017
  • Shashank Kumar

रांची: कैप्टन कूल महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट के बाद अब वनडे और टी-20 किक्रेट की कप्तानी छोड़ने का एलान कर दिया है।

लेकिन वो खिलाड़ी के तौर पर टीम के लिए खेलते रहेंगे। धोनी के इस फैसले पर उनके पूर्व कोच चंचल भट्टाचार्य ने कहा कि यह सही समय लिया गया सही फैसला है। टेस्ट की कप्तानी छोड़ने का भी धोनी ने सही समय पर सही फैसला लिया था। उन्होंने कहा कि धोनी खुलकर क्रिकेट खेलना चाहते हैं। इंग्लैंड के दौरे पर ही उन्होंने कहा था कि कप्तानी के मुद्दे पर वो सही समय पर फैसला लेंगे।
चंचल के अनुसार अभी भी धोनी क्रिकेट के प्रति काफी सीरियस हैं। मंगलवार को वो रणजी खिलाड़ियों के साथ नागपुर में दो घंटे से ज्यादा समय तक प्रैटिक्स किया है। इसके अलावा रांची में जब भी रहते हैं वो 35 साल की उम्र में दौड़ने के साथ जिम जाते हैं। पूर्व कोच ने कहा कि कोई गोली मारे उससे पहले ही साइड हो जाना चाहिए लिहाजा धोनी का सही समय लिया गया बिल्कुल सही फैसला है। बतौर चंचल धोनी के कप्तानी छोड़ने के फैसले के बारे में उनके परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं है। जब उन्होंने टेस्ट की कप्तानी छोड़ी थी तो उस वक्त भी उनका खुद का फैसला था।
 
उन्होंने कहा कि धोनी क्रिकेट के मोदी हैं। जिस तरह से मोदी ने नोटबंदी पर फैसला किया और किसी को पता नहीं है। उसी तरह धोनी ने भी बगैर किसी के जानकारी के कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। चंचल के अनुसार अगर धोनी चोटिल नहीं होते हैं तो 2109 का वर्ल्ड कप भी बतौर खिलाड़ी खेल सकते हैं। मेरी 25 दिसंबर को धोनी से बात हुई थी वो काफी खुश थे और आगे वो और क्रिकेट खेलना चाहते हैं। गौरतलब है कि महेंद्र सिंह धोनी भारत के सफलतम कप्तानों में से एक हैं। उनकी कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 में वनडे वर्ल्ड क्रिकेट कप जीत चुका है। इसके अलावा उनकी कप्तानी में भारत 2103 में आईसीसी चैम्पियनशिप ट्रॉफी पर भी कब्जा जमा चुका है।

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