PM-CM की तारीफ पर लालू ने ली चुटकी, कहा- छानिएगा जलेबी, निकलेगा पकौड़ी

  • 06 Jan, 2017
  • priti singh

PATNA: गुरु गोविंद सिंह के 350वें प्रकाशोत्सव पर दो केंद्रीय मंत्रियों रविशंकर प्रसाद और रामविलास पासवान को पीएमओ के दखल के बाद नरेंद्र मोदी के मंच पर जगह मिली। कार्यक्रम में लालू यादव अपने दोनों मंत्री बेटों के साथ पहुंचे थे।

लेकिन, मंच पर जगह नहीं मिली और उन्हें नीचे बैठना पड़ा। इस प्रोग्राम के बाद जब लालू से पूछा गया कि पीएम ने नीतीश की तारीफ की, इसके क्या मायने हैं तो लालू बोले, 'छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी।'
बता दें कि प्रकाशोत्सव में शामिल होने के लिए आखिरी दिन गुरुवार को नरेंद्र मोदी पटना पहुंचे। लालू यादव ने नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार के एक-दूसरे की तारीफ को लेकर निकाले जा रहे राजनीतिक मायनों को खारिज कर दिया।
लालू ने कहा, "पीएम ने इस बड़े प्रोग्राम के लिए नीतीश सरकार तारीफ की है। नीतीश कुमार सरकार के मुखिया हैं। महागठबंधन के सीएम हैं। पीएम ने पूरी सरकार की तारीफ की है। अब क्या अलग-अलग आदमी का नाम लेकर तारीफ करेंगे?"
जब बीजेपी और नीतीश की बढ़ती नजदीकियों पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "छानिएगा जलेबी और निकलेगा पकौड़ी।"सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य कार्यक्रम में पीएम के मंच पर केंद्रीय मंत्रियों को जगह नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने पीएमओ में शिकायत की।
पीएमओ ने इन्हें मोदी के मंच पर जगह देने का निर्देश बिहार सरकार को दिया। वहां एक और केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर मौजूद थीं। लेकिन इजाजत मिलने के बाद भी वे मंच पर नहीं गईं।
बताया जाता है कि मंच पर जगह नहीं दिए जाने से आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव नाराज हो गए।  लालू प्रसाद कार्यक्रम में अपने दोनों मंत्री बेटों तेजप्रताप और तेजस्वी यादव के साथ गांधी मैदान पहुंचे थे।
बता दें कि तेजस्वी राज्य के डिप्टी सीएम हैं। वहीं तेजप्रताप भी नीतीश कैबिनेट में मंत्री हैं।  सोर्सेज के मुताबिक लालू प्रसाद इस मामले पर अपनी नाराजगी सीएम नीतीश कुमार से जाहिर करेंगे।
नरेंद्र मोदी, पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल, बिहार के सीएम नीतीश कुमार, बिहार के राज्यपाल राम नाथ कोविंद, पटना तख्त मंदिर के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कर, अमृतसर तख्त मंदिर के अध्यक्ष और बिहार के मुख्य सचिव।
गुरु गोविंद सिंह का जन्म 22 दिसंबर, 1666 को पटना में हुआ था। इस दिन को आगमन दिवस के रूप में मनाया जाता है। नानकशाही कैलेंडर में गोविंद सिंह के जन्मदिन को 5 जनवरी कर दिया गया। इस दिन को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है।
 

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