यूं ही सीएम कायल नहीं है मनु महाराज के

  • 06 Jan, 2017
  • Basant kumar

PATNA : प्रकाशोत्सव का भव्य आयोजन समाप्त हो गया। देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए अपने-अपने प्रदेश और देश को लौट रहे है।

वहीं इस भव्य आयोजन के लिए राज्य सरकार और खासकर प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार की चारो-ओर वाह-वाही हो रही है। लेकिन इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में अधिकारियों की भी अहम भूमिका रही। खासकर जिस तरह से पटना में सुरक्षा की व्यवस्था की गई थी उसे शायद शब्दों में वयान करना कठिन है। जिन अधिकारियों के योगदान से पटना में सुरक्षा व्यवस्था इतनी बेहतरीन रही उसका सारा श्रेय पटना एसएसपी को ही जाता है।

पटना के जिस गांधी मैदान में इतना बड़ा भव्य आयोजन इतने शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया, यह वही पटना का गांधी मैदान है जिसने बीते वर्षों में मनु महाराज के रातों की नींद और दिन का चैन छिन लिया था। घटना वर्ष 29 नवंबर 2014 की है। गांधी मैदान में रावण वध को दौरान हुई भगदड़ में सैकड़ों लोगों की जान चली गई थी। उस वक्त मनु महाराज पटना के सिटी एसपी हुआ करते थे। उस घटना के लिए सीधे तौर पर सुरक्षा व्यवस्था में खामी को होना बताया गया था, और मनु महाराज की काफी किरकिरी हुई थी।
वर्तमान में वहीं मनु महाराज पटना के एसएसपी है और उन्होंने इतने बड़े आयोजन को इतनी सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। प्रकाशोत्सव के दौरान पटना में जितनी संख्या में श्रद्धालु आये थे, लोगों का कहना है कि इतने लोग किसी धार्मिक आयोजन तो क्या जेपी आंदोलन में भी देखने को नहीं मिला था। इतनी भीड़ के बावजूद पटना में विधि-व्यवस्था जिस से कायम रही वह अपने-आप में एक बहुत बड़ी बात है।
कहा जाता है कि नीतीश के जो चहेते अधिकारी हैं उनमें मनु महाराज भी एक है। मुख्यमंत्री के इस विश्वास को एसएसपी ने समय-समय पर साबित भी किया है। जब पटना में कानून व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी तो गया से मनु महाराज को पटना लाया गया था। कम बोलने व बेहद शालीन ढंग से रहना मनु महाराज की पहचान है। लेकिन अपराधियों के लिए वे उतना ही खौफनाक है।
गांधी मैदान में आयोजित समागम को जब नीतीश कुमार संबोधित कर रहे थे तब बेहतर काम करने वाले उन तमाम अधिकारियों का जिक्र किया जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिक निभाई। लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के सामने सीएम ने खासकर मनु महाराज की तारीफ की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन को सफल बनाने में इनकी अहम भूमिका रही।
दरअसल, प्रकाशोत्सव में सुरक्षा के लिए नौ हजार से ज्यादा जवान लगाए गए थे। मनु महाराज लगातार इन जवानों को निर्देश दे रहे थे, और खुद भी मुस्तैदी के साथ मॉनिटरिंग कर रहे थे। साथ ही सभी को ट्रेनिंग भी दे रहे थे। एसएसपी की मेहनत का ही नतीजा रहा कि उत्सव के दौरान कहीं से भी कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं आई और इतना बड़ा आयोजन शांतिपूर्व और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हो गया।
 

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