पंजाब चुनाव में नीतीश करेंगे अरविंद केजरीवाल का बंटाधार

  • 06 Jan, 2017
  • Shashank Kumar

बिहार की राजधानी पटना के रास्‍ते पंजाब की सियासत भी शुरु हो गई है। सियासत के इस केंद्र में बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार हैं। जानिए कैसे ?

PATNA: सियासत के खिलाड़ी उम्‍मीदों से भी परे हटकर खेल खेलते हैं। सियासत का यही खेल इन दिनों पटना के रास्‍ते पंजाब में भी चल रहा है। जहां पर कई दिलचस्‍प सियासी समीकरण बनते और बिगड़ते दिख रहे हैं। सियासत के इन समीकरणों ने खासतौर पर पंजाब की राजनीति को काफी दिलचस्‍प कर दिया है। दरसअल, पटना साहिब गुरुद्वारे में गुरु गोविंद सिंह की 350वीं जयंती का भव्‍य आयोजन किया गया। हर दल, हर पार्टी का नेता पहुंचा। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता एसएस अहलूवालिया भी गुरु गोविन्द सिंह की 350 वीं जयंती के मौके पर आयोजित प्रकाश उत्सव में पटना में ही कैंप कर रहे थे। जबकि पंजाब के पूर्व मुख्‍यमंत्री और कांग्रेस नेता कैप्‍टन अमरिंदर सिंह भी यहां पर पहुंचे थे। सभी नीतीश कुमार के आयोजन की तारीफ कर रहे थे।  
पंजाब कांग्रेस के अध्‍यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और उन्‍हें पंजाब इलेक्‍शन में कांग्रेस के चुनाव प्रचार करने का न्‍यौता भी दिया। दरसअल, बिहार में महागठबंधन की सरकार है। जिसमें कांग्रेस की भी साझेदारी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर नीतीश कुमार पंजाब में कांग्रेस के प्रचार के लिए कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का न्‍यौता स्‍वीकार कर लेते हैं तो क्‍या वो दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ प्रचार करेंगे। पंजाब में अरविंद केजरीवाल शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन के अलावा कांग्रेस को भी खुली चुनौती दे रहे हैं। बेशक बिहार में नीतीश कुमार और कांग्रेस का गठबंधन हो।
 
लेकिन, नी‍तीश कुमार के रिश्‍ते अरविंद केजरीवाल से भी काफी अच्‍छे रहे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी का जिस तरह से अरविंद केजरीवाल ने खुलकर विरोध किया उसके उलट नी‍तीश कुमार इस फैसले का स्‍वागत कर चुके हैं। हालांकि नोटबंदी को लेकर अरविंद केजरीवाल और नीतीश कुमार के बीच तो कोई सीधी जंग नहीं हुई। लेकिन, ममता बनर्जी उन पर कई बार निशाना साधा चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि शायद अब दोनों नेताओं के बीच वो पहले जैसी वाली बात नहीं रही। पहले दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक तौर पर ट्विटर पर भी मुद्दों और विचारों का आदान प्रदान होता था। वो भी आजकल बंद हैं। बहरहाल अभी कांग्रेस ने सिर्फ नीतीश कुमार को प्रचार का न्‍यौता दिया है।
 
जिसे अब तक उन्‍होंने कबूल नहीं किया है। हालांकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के नेता नीतीश कुमार के आयोजन की खूब तारीफ कर रहे हैं। जहां एक ओर अमरिंदर सिंह कहते हैं कि नीतीश कुमार उनका दिल नहीं तोड़ेंगे। वहीं दूसरी ओर प्रकाश उत्‍सव के आयोजन की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता एसएस अहलुवालिया ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार असल सरदार बताया। अहलूवालिया का कहना है कि नीतीश कुमार ने अतिथि देवो भव: के अनुरूप आयोजन में कोई कमी नहीं छोड़ी है। बहरहाल, अब ये देखना बेहद ही दिलचस्‍प होता है कि कैप्‍टन की मुलाकात को नीतीश सिर्फ औपचारिक मुलाकात ही मानते हैं या फिर वो वाकई उनका न्यौता कबूल करते हैं। या फिर बीजेपी की ओर बढती नजदीकियां कुछ और ही सियासी गुल खिलाएगी।

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