बगैर पढ़ाई के ही इंटर की परीक्षा में विद्यार्थियों को होना होगा शामिल

  • 06 Jan, 2017
  • Ranjit kumar Samrat
  • Sanjeev kumar

LAKHISARAI: जिले के नदी कान्ही क्षेत्र के एकलौते प्लस टू उच्च विद्यालय माणिकपुर जिसकी स्थापना 1964 में हुई थी। ये विद्यालय पुराने शिक्षण संस्थानों में अच्छी पढ़ाई के मामले में काफी सरहानीय माना जाता था ।

आज उक्त प्लस टू विद्यालय में शिक्षक की कमी का खामियाजा विद्याथियों को भुगताना पड़ रहा है। जबकि लगभग दर्जन भर गांव के विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करने आ रहे हैं। जानकारों के अनुसार वर्ष 2011 में इसे प्लस टू विद्यालय का दर्जा दिया गया। परन्तु, वर्तमान समय में यह विद्यालय शिक्षकों की कमी का दंश झेल रहा है। इस कारण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अभाव में इस क्षेत्र के विद्यार्थियों की प्रतिभा कुंठित हो रही है।
विषयवार शिक्षक नहीं रहने के कारण छात्र-छात्राओं को बिना पढ़ाई किए परीक्षा में शामिल होने की मजबूरी है। जबकि विद्यालय परिसर में ही प्लस टू का भव्य भवन बनाया गया है। विज्ञान संकाय एवं कला संकाय की पढ़ाई के लिए 120 छात्रों का नामांकन लिया गया है। परंतु विज्ञान संकाय के एक भी विषयों के शिक्षक नहीं है। उक्त विद्यालय में पढ़ने के लिये नामांकित छात्र-छात्राएं यूं ही अपनी उपस्थिति दर्ज कर वापस लौटने को मजबूर हैं।
विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की आवश्यकता है। जिसमें से मात्र 13 शिक्षक एवं एक प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक मो. मोइनुद्दीन अंसारी ने बताया कि प्लस टू के विषयवार शिक्षक के लिए समय - समय पर विभागों से मांग की जा रही है। 

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