इस बार 14 जनवरी को ही मनेगी मकर संक्रांति, खूब खाना दही-चूड़ा

  • 10 Jan, 2017
  • priti singh

PATNA: मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनेगी। माघ कृष्ण द्वितीया शनिवार आश्लेषा नक्षत्र के संयोग से उस दिन मकर राशि में सूर्य प्रवेश करेंगे। इस दिन से भगवान सूर्य नारायण उत्तरायण हो जाएंगे।

उत्तरायण सूर्य में उपनयन, विवाह अन्य देवादि कर्म अति शुभ माने जाते हैं। लोगों की मान्यता है कि दिवंगत आत्माएं भी उत्तरायण में देव स्थान को प्राप्त होते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. राजनाथ झा के अनुसार माघ मास को उत्तम धर्म मास माना गया है।
इस दिन से श्रद्धालु संपूर्ण मास प्रात: स्नान भी करते हैं और गायत्री की उपासना करते हैं। मकर संक्रांति में प्रयाग स्नान का भी महत्व है। वहां एक मास तक कल्पवास किया जाता है।
माघ मास में भगवान सूर्य नारायण से पांच तरह के अमृत रस के रूप में मानव को प्राप्त होते हैं। ऊर्जा संचय करने का भी पर्व है यह। प्रात:काल से शाम तक स्नान-दान का मुहूर्त है। स्नान के बाद दान करना और तिल का सेवन श्रेष्ठ फलदायी माना जाता है।
वैसे मकर संक्रांति प्रतिवर्ष 14 जनवरी को ही मनाई जाती है। लेकिन, किसी-किसी वर्ष इसमें बदलाव भी होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश करता है।
इस दिन से सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है। इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं। इसी वजह से 2016 में मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाई गई थी।
मकर राशि में प्रवेश करने के कारण यह पर्व मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। मकर संक्रांति मनाने का क्रम हर दो साल पर बदलता रहता है। मकर संक्रांति 2017, 2018, 2021 में 14 जनवरी 2019, 2020 में 15 जनवरी को मनाई जाएगी।
ये क्रम 2030 तक चलेगा। इसके बाद तीन साल 15 जनवरी को और एक साल 14 जनवरी को संक्रांति मनाई जाएगी।
 

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