समाजवादियों की तपोभूमि जमुई : चेतन आनंद

  • 10 Jan, 2017
  • Arvind kumar
  • Chandramani

JAMUI : मेरे पिता की प्रेरणा, महान स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादियों की तपोभूमि है जमूई। यह बातें छात्र हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व फ्रेंड्स ऑफ़ आनन्द के कार्यकारी अध्यक्ष चेतन आनन्द ने आयोजित संवादाता सम्मेलन में कहा।

उन्होंने कहा कि जमुई कभी गांधीवादी समाजवादियों का गढ़ रहा। आजादी से लेकर जेपी आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाला जमुई आज राजनीतिक तौर पर हाशिए पर है। यहां बालू उद्योग, बीड़ी पत्ता उद्योग, वन एवं पर्यटन को बढ़ावा दे कर व अपराध और उग्रवाद पर शिकंजा कस कर एक विकसित जमुई के सपने को साकार किया जा सकता है।
हमे खेद है कि बढ़ते अपराध और बेलगाम उग्रवाद के कारण मिनी शिमला के नाम से मशहूर 'सिमुल्तल्ला' आज उजड़ गया। बेहतरीन पर्यटन स्थल 'भीम बांध' बदहाल है। उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक षडयंत्र का शिकार हुए मेरे पिता 11 वर्षों से सजा काट रहे हैं। मैं यहां 29 जनवरी को पटना में उनकी रिहाई हेतु आहूत न्याय मार्च का न्योता देने आया हूं।
उनके साथ फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रांतीय अध्यक्ष कुलानंद यादव अकेला, कुमार कालिका सिंह, श्यामा बाबू, श्रीकृष्ण बाबू, त्रिपुरारी बाबू, चंद्रशेखर बाबू, शिवनन्दन झा, भोला मांझी, उपाध्यक्ष अशोक चौधरी, प्रो.रबीन्द्र सिंह, राजीव रंजन, ललनेश सिंह, चंद्रचूड़ सिंह, प्रदीप सिंह, प्रमोद कुमार पम्पी, रॉकी सिंह, भैरव सिंह, मंतोष सिंह समेत अन्य लोग मौजूद थे। 

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