मनईटांड़ में हुआ श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह

  • 11 Jan, 2017
  • Abhijna verma

DHANBAD : मनईटांड़ में हो रहे भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह समारोह धूमधाम से मनाया गया। हजारों श्रद्धालु इस विवाह के साक्षी बने।

मनईटांड़में हो रहे भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन मंगलवार को भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी का विवाह समारोह धूमधाम से मनाया गया। हजारों श्रद्धालु इस विवाह के साक्षी बने। 
भगवान की झांकी निकाली गई। इस अवसर पर कथा वाचक पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने प्रभु की रासलीला का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि रासलीला में आत्मा और परमात्मा का मिलन है। इसे कभी गलत ढंग से नहीं देखना चाहिए।
शुकदेव जी कहते हैं कि इस लीला में भगवान काम को पहले जला चुके होते हैं। ईश्वर प्रेम की मूरत है। उन्हें पाने का आसान तरीका सच्चा प्रेम है। ज्ञान से प्रभु को समझा जा सकता है, परंतु पाया नहीं जा सकता है।  
रुक्मिणी से श्रीकृष्ण ने 'हरण विवाह' किया था। उन्होंने रुक्मिणी का जिस मंदिर से हरण किया था। वह मंदिर वर्तमान में मौजूद है। इस मंदिर का नाम है 'अवंतिका देवी मंदिर'। यह मंदिर उत्तरप्रदेश के बुलंदशहर जिले में अनूपशहर तहसील के जहांगीराबाद से करीब 15 किमी. दूर गंगा नदी के तट बना हुआ है
महाभारत और श्रीमद्भागवद में इस जगह का उल्लेख मिलता है। अवंतिका देवी का यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। जहां दूर-दूर से मां के भक्त दर्शनार्थ आते हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में अवंतिका देवी जिन्हें अम्बिका देवी भी कहते हैं साक्षात् प्रकट हुई थीं।
 

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