40 किमी प्रति घंटे से तेज नहीं चलेंगी स्कूल बसें

  • 11 Jan, 2017
  • Manish Pandey

PATNA : रफ्तार पर लगाम लगाने के लिए वाहनों में स्पीड गवर्नर लगेगा। यह किसी भी वाहन को उसके लिए निर्धारित स्पीड से ज्यादा तेज नहीं चलने देगा।

परिवहन विभाग ने स्पीड गवर्नर लगाने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है।  वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जाने के बाद उसे सील करने की जिम्मेदारी परिवहन पदाधिकारी मोटरयान निरीक्षक को दी गई है। मंगलवार को इस संबंध में अधिसूचना भी जारी की गई। हालांकि, इसके लगाने की तिथि और कीमत का जिक्र नहीं किया गया है।
वाहनों के तेजी से चलने से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इनमें 50 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है। इस पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2002 में ही वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाने का निर्देश राज्य सरकारों को दिया था। राज्य सरकारों ने इसे तवज्जो नहीं दिया तो अप्रैल, 2015 में नए सिरे से अधिसूचना जारी कर एक साल के अंदर स्पीड गवर्नर लगाने का निर्देश दिया। इसके बाद राज्य के परिवहन विभाग ने भी अप्रैल, 2016 में इसके लिए अधिसूचना जारी कर दी। लेकिन, हुआ कुछ नहीं। आठ माह बाद मंगलवार को परिवहन विभाग ने दोबारा अधिसूचना जारी की है।
36 फीसदी दुर्घटनाएं वाहनों की तेज गति के कारण हो रहीं : 36 फीसदी दुर्घटनाएं वाहनों की तेज गति के कारण हो रही हैं। इनमें 50 फीसदी लोगों की मौत हो जाती है। इस स्पीड को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। राज्य सरकारों के अनुरोध पर केंद्र ने स्पीड गवर्नर लगाने की समय सीमा दो माह बढ़ाई थी। जुलाई, 2016 तक स्पीड गवर्नर लगाने का निर्देश दिया था। बिहार सरकार को इस दिशा में जल्द कदम उठाने की जरूरत है।
टैंकर और डंपर के लिए 60 की स्पीड निर्धारित : दोपहिया, तिपहिया, 3500 किलो से कम वजन के 8 सीटों वालों यात्री वाहन, अग्निशामक, एंबुलेंस, पुलिस वाहन को छोड़ सभी तरह के वाहनों में स्पीड गवर्नर लगेगा। स्कूली वाहनों में 40 किमी डंपर-टैंकर में 60 किमी प्रति घंटे की गति का स्पीड गवर्नर लगाया जाएगा।

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