जून माह से बिहार को मिलने लगेगा 660 मेगावाट बिजली

  • 11 Jan, 2017
  • Basant kumar

PATNA : प्रदेश में जल्द ही बिजली की किल्लत से लोगों को निजात मिलने जा रही है। कुछ महीनों के अंदर ही बिहार को 660 मेगावाट बिजली मिलने लगेगा।

औरंगाबाद जिले के नवीनगर स्थित थर्मल पावर से जून से बिहार को बिजली मिलने लगेगी। 660 मेगावाट की पहली यूनिट जून से चालू हो जायेगी। बिहार पावर होल्डिंग कंपनी व एनटीपीसी की संयुक्त उपक्रम वाली इस इकाई में 660 मेगावाट की तीन यूनिट है।
इस सुपर थर्मल पावर की दूसरी यूनिट से सितंबर और तीसरी यूनिट से अगले साल मार्च से बिजली मिलने की संभावना है। सीसीएल से इसको कोल लिंकेज है। इस तरह कुल 1980 मेगावाट में 1373 मेगावाट ( 69.36 प्रतिशत) बिजली बिहार को मिलेगी। नवीनगर थर्मल के पहले स्टेज की स्थापना 15132 करोड़ की लागत से हो रही है।
वहीं दूसरे स्टेज में भी 660 मेगावाट की तीन यूनिट यहां स्थापना हो रही है। दूसरे स्टेज से 75 प्रतिशत बिजली बिहार को मिलेगी। नवीनगर प्रोजेक्ट के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जून से पहले यूनिट में कॉमर्शियल उत्पादन शुरू हो जायेगा। सेंट्रल पुल से बिहार को अभी 2942 मेगावाट बिजली आवंटित है। लेकिन पूरी आवंटित बिजली नहीं मिलती है। औसतन 2000 से 2200 मेगावाट बिजली सेंट्रल पूल से मिल रही है। राज्य में बिजली की खपत 4000 मेगावाट तक है।
बाजार से बिजली खरीदकर आपूर्ति करना पड़ता है। राज्य में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है. कांटी कोयला संकट के कारण बंद होता रहता है। यहां 110 मेगावाट की दो यूनिट है। कोयला संकट के चलते पिछले एक माह से एक यूनिट बंद है। बताते चले कि बिहार ने 2022 तक 4630 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय कर रखा है।
बिजली उत्पादन के मामले में बिहार जीरो उत्पादन वाले राज्य की श्रेणी से तो निकल गया है, लेकिन उत्पादन के मामले में राज्य की स्थिति अच्छी नहीं है। राज्य में चौसा, पीरपैंती, कजरा और बांका में नया बिजली घर प्रस्तावित है। चौसा में काम शुरू हो गया है, लेकिन अन्य बिजली घरों के निर्माण की दिशा में अब तक कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
 

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