बेघर को पैसे देने गई थी बच्ची कि पुलिस बस ने उसे कुचल दिया

  • 12 Jan, 2017
  • Abhijna verma

HAZARIBAGH : सात साल की सुहाना एक बेघर व्यक्ति को वह पांच रुपए देने गई। तभी तेज रफ्तार से आ रही पुलिस की बस ने उसे कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सात साल की सुहाना परवीन बुधवार सुबह नौ बजे मां के साथ स्कूल जा रही थी। खिरगांव कब्रिस्तान चौक पर मदरसा फैजान मुस्तफा के पास बैठे एक बेघर व्यक्ति को वह पांच रुपए देने गई। तभी तेज रफ्तार से आ रही पुलिस की बस ने उसे कुचल दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मो. फिरोज की बेटी सुहाना चिश्तिया मोहल्ला के स्वीट रोज स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा थी। शोक में बुधवार को स्कूल में छुट्टी कर दी गई। हादसे के बाद ड्राइवर बस को लेकर भाग गया। लेकिन पंचमंदिर चौक के पास बैरियर में फंस गया।
तभी एक किलोमीटर से पीछा करती हुई भीड़ वहां पहुंच गई। मेन रोड की सभी दुकानें बंद हो गईं। हजारों लोग पंचमंदिर चौक के पास जमा हो गए। एसडीओ शशि रंजन और डीएसपी चंदन कुमार वत्स पुलिस के साथ वहां पहुंचे।
यहां पुलिस के सामने ही लोगों ने बस को पलट दिया। शीशे तोड़ डाले। हवा निकाल दी। बस में आग लगाने की कोशिश की। पुलिस पर पथराव भी किया। पुलिस ने जब इन्हें खदेड़ा तो भीड़ कब्रिस्तान चौक पर पहुंच गई। यहां शव रखकर हजारीबाग-सिमरिया रोड को जाम कर दिया।
पिता फिरोज ने कहा - बेटी ने दम तोड़ दिया, हम कुछ नहीं कर पाए
पिता फिरोज ने कहा कि वे फैज नगर में रहते हैं। बेटी सुहाना ने सड़क किनारे बैठे एक बेघर को देने के लिए मुझसे पांच रुपए मांगे थे। वही रुपए वह देने जा रही थी। तभी कटकमदाग की ओर से आ रही पुलिस की बस उसे कुचलती हुई निकल गई। वहीं मां रूबी खातून ने कहा कि सुहाना ने मेरे सामने तड़पकर दम तोड़ दिया। लेकिन मैं उसे बचाने के लिए कुछ नहीं कर सकी।

परिजन 25 लाख का मुआवजा और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग पर अड़े थे
कब्रिस्तान चौक पर जाम हटाने के लिए टीओपी वन की पुलिस जीप वहां पहुंची तो लोग उस पर भी टूट पड़े। तोड़फोड़ की। इसमें भी आग लगाने की कोशिश की। पर माेहल्ले के लोगों ने उन्हें रोक दिया।
पर वे भीड़ के गुस्से को शांत नहीं कर पाए। वे लोग बच्ची के परिजन को 25 लाख रुपए का मुआवजा और एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे थे। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे एक बार फिर पुलिस वहां पहुंची तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। आखिरकार पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ा और शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

भीड़ उग्र हो गई थी, इसलिए करना पड़ा लाठीचार्ज, एसपी भीमसेन टूटी ने कहा- चार मामले दर्ज होंगे
एसपी भीमसेन टूटी ने कहा कि वे खुद सदर थाना में कैंप कर रहे हैं। दोपहर में भीड़ काफी उग्र हो गई थी। भीड़ को नियंत्रित करने और शव को कब्जे में लेने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा । स्थिति नियंत्रण में है।
सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा दिया जाएगा। इस संबंध में सदर टीओपी व में तीन मामले दर्ज होंगे। दुर्घटना में बच्ची की मौत का, पथराव का और पुलिस वाहन को क्षति पहुंचाने का। वहीं सदर थाना में भी एक केस दर्ज किया जाएगा। क्योंकि पंचमंदिर चौक पर जो पथराव हुआ और बस को नुकसान पहुंचाया गया, वह सदर थाना क्षेत्र में है।
 

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