बिहार में छा सकता है अँधेरा,कोयले की कमी से एनटीपीसी की एक और यूनिट बंद

  • 12 Jan, 2017
  • Basu mitra

PATNA: झारखंड के गोड्डा के ललमटिया स्थित ईसीएल खादान हादसे का असर अब एनटीपीसी पर पूरी तरह से पढ़ने लगा है। कोयले की कमी के कारण NTPC ने 500 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली 6 नंबर की एक और यूनिट को भी बंद करना पड़ा।

इसके पहले 4 जनवरी को 500 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता वाली 7 नंबर की यूनिट की बंद किया गया था, जो अब तक बंद है। बताया जा रहा है कि एनटीपीसी में अब महज 2 लाख 70 हजार ही कोयले का स्टॉक बचा है। कोयले के अभाव में 6 नंबर यूनिट को बंद ही रखा जाएगा।

बुधवार को पांच सौ मेगावाट की एक यूनिट और 210 मेगावाट की चार यूनिटें चलीं। इससे मात्र 12 सौ मेगावाट ही बिजली का उत्पादन हो सका। बताया जा रहा है कि पीओ सीटी से एक और अंडाल से एक और दो रैक ललमटिया खादान के बाहर रखे गए स्टॉक में से भी दो रैक यानी कि 4 रैक कोयले की आपूर्ति एनटीपीसी को गई है, पर वह भी कम है।

दिनों दिन कोयले के घटते स्टॉक से बिजली उत्पादन घटता जला जा रहा है। जबकि इसके पहले 7 यूनिटों से उत्पादित होने वाली बिजली की कुल क्षमता 2340 मेगावाट थी। अभी 210 मेगावाट की 4 यूनिटें और 500 मेगावाट की 1 यूनिटों के भरोसे बिजली का उत्पादन चल रहा है। यदि कोयले का संकट बरकरार रहा तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

इससे कई प्रदेशों में बिजली संकट गहरा सकता है। यदि जल्द कोयले का संकट दूर नहीं हुआ तो स्थिति विस्फोटक हो सकती है।बताते चलें कि एनटीपीसी कहलगांव से उत्पादित होने वाली बिजली बिहार, उड़ीसा, झारखंड, सिक्किम और पश्चिम बंगाल को की जाती है।