बच्चे खुलेआम पी रहे थे सिगरेट, पुलिस ने दी ऐसी सजा

  • 12 Jan, 2017
  • Abhijna verma

RANCHI : धूम्रपान करते हुए सात छात्रों को पकड़ा गया. इसमें कुछ कम उम्र लड़कियां भी थीं. इन्हें चेतावनी देने के साथ ही अर्थ दंड भी लगाया गया. सख्ती देख सभी सिगरेट दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग गए.

नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के तहत पुरुलिया रोड में तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाया गया. सर्जना चौक, सदर अस्पताल गली और अन्य इलाकों में चले इस अभियान में छह दुकानों को नियम का उल्लंघन करने के कारण आर्थिक दंड लगाया गया. इस दौरान सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान करते हुए सात छात्रों को भी पकड़ा गया. इसमें कुछ कम उम्र लड़कियां भी थीं. इन्हें चेतावनी देने के साथ ही अर्थ दंड भी लगाया गया.
नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम के स्टेट नोडल पदाधिकारी डॉ ललित रंजन पाठक के नेतृत्व में छापेमारी करने गयी टीम ने एक शिक्षण संस्थान के प्राचार्य से भी मुलाकात की. टीम ने पाया कि शिक्षण संस्थान में कहीं भी तंबाकू निषेध संबंधी उचित चेतावनी बोर्ड नहीं लगा था. इस पर प्राचार्य को शीघ्र इसकी व्यवस्था करने को कहा गया.

डॉ पाठक ने बताया कि अभियान के दौरान पाया गया कि कई दुकानों में नियम विरुद्ध सिगरेट बेचा जा रहा था. कई कम उम्र बच्चे (छात्र-छात्राएं) भी सिगरेट खरीद रहे थे. कुछ दुकानों में सिगरेट के ऐसे पैकेट भी मिले, जिन पर बिना चित्र के चेतावनी छपी थी. डॉ पाठक ने बताया कि सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा-2003) के विभिन्न प्रावधानों के तहत दुकानदारों व सिगरेट पीनेवालों पर कार्रवाई की गयी.

अभियान के दौरान टीम ने बच्चों को सिगरेट बेचते महिला दुकानदार को भी पकड़ा. टीम ने न सिर्फ महिला दुकानदार पर आर्थिक दंड लगाया गया, बल्कि उसे यह समझाने का प्रयास भी किया कि कम उम्र के बच्चों को सिगरेट बेचना कानून अपराध है.
टीम की सख्ती देख आसपास के सभी सिगरेट दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर भाग गये. टीम ने अभियान के दौरान पकड़े गये छात्र-छात्राओं को भी समझाने की कोिशश की. इस कार्रवाई में अभियान के राज्य परामर्शी राजीव कुमार, कानून परामर्शी मो उमैर, वित्त परामर्शी नागेंद्र कुमार यादव व लोअर बाजार थाना की पुलिस ने सहयोग किया.

अभियान के दौरान पकड़े गये छात्र-छात्राओं की भूमिका ने सोचने पर मजबूर कर दिया कि कहां जा रहे हमारे युवा? कुछ लड़के-लड़कियों ने तो तत्काल माफी मांगी और फिर सिगरेट को हाथ नहीं लगाने का वादा किया, वहीं कुछ ने तो पूरे अभियान को इस रूप में लिया मानों वे दंड देकर एहसान कर रहे.
न चेहरे पर शर्मिंदगी का भाव और न ही शब्दों में हिचक. खास कर सिगरेट पीते पकड़ी गयी लड़की ने तो टीम के साथ कुछ ऐसा व्यवहार किया मानो टीम ने कोई गुनाह कर दिया हो. दंड के रूप में पैसे देते हुए भी उसके चेहरे पर गुस्से का भाव था. भुनभुनाते हुए दंड तो दे दिया, पर यह भी जता दिया कि वो तो सिगरेट जहां मन करे वहीं पीयेगी.

राजधानी सहित पूरे राज्य में यह अभियान जारी रहेगा. जल्द ही सभी प्रतिष्ठानों व शैक्षणिक संस्थानों का भी निरीक्षण किया जायेगा और देखा जायेगा कि वहां बोर्ड सहित अन्य नियम का पालन किया जा रहा है या नहीं. ऐसा नहीं होने पर उक्त संस्थान पर भी दंड लगाया जायेगा.
डॉ ललित रंजन पाठक, स्टेट नोडल पदाधिकारी, नेशनल टोबैको कंट्रोल प्रोग्राम 

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