..तो बिहार में चल रहीं शराब की फैक्टरियां होंगी बंद

  • 12 Jan, 2017
  • Shashank Kumar

पटना: नीतीश कुमार की शराबबंदी के फैसले की हर ओर तारीफ हुई। लेकिन विपक्ष अब माग कर रहा है की बिहार में चल रही शराब फैक्टरियां भी बंद होनी चाहिए। अब सवाल यह है की क्या नीतीश इस दिशा में कोई कदम उठाएंगे।

पूर्व उपमुख्यमंत्री व भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने सवालिया लहजे में कहा है कि जब यहां पूर्ण शराबबंदी लागू है, तो शराब की फैक्टरियां क्यों चल रही हैं। क्या 21 जनवरी से पहले सरकार चल रही फैक्टरियों को बंद करने की घोषणा करेगी। 
करमुक्त शराब का उत्पादन क्यों जारी है। पूर्ण शराबबंदी के बावजूद प्रतिदिन हजारों लीटर शराब क्यों पकड़ी जा रही है। शराब माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं कि वे पुलिस पर हमला करने तक की हिमाकत कर रहे हैं। सरकार बताये कि शराबबंदी के तालिबानी कानून में संशोधन के लिए बुलायी गयी सर्वदलीय बैठक में जो राय आयी थी, एक महीना से अधिक समय गुजर जाने के बावजूद उस पर क्या कार्रवाई हुई है। 
 
मोदी ने कहा कि जब बिहार में पूर्ण शराबबंदी है, तो यहां की तीन बीयर व 12 विदेशी शराब फैक्टरियों को आज तक चलने का क्या औचित्य है। इनको निर्यात शुल्क व बॉटलिंग फीस में छूट देकर सस्ती शराब के उत्पादन को बढ़ावा क्यों दिया जा रहा है। शराब उद्योग की अनुज्ञप्ति के नवीनीकरण और यहां से शराब तैयार कर दूसरे राज्यों में भेजने का क्या औचित्य है। शराब के कारोबार को अनैतिक बतानेवाले मुख्यमंत्री बिहार में शराब निर्माण को पूरी तरह से प्रतिबंधित क्यों नहीं कर रहे हैं। 

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