बिहारी व्यंजन: मूढ़ी का लाई

  • 12 Jan, 2017
  • priti singh

PATNA: मूढ़ी का लाई बहुत ही आसानी से बन जाता है। ये सभी को बहुत पसंद आते हैं। अक्सर हम पानी के साथ कुछ खाना चाहते हैं। ऐसे समय में मूढ़ी का लाई बहुत काम आता है।

बेहद हल्के-फुल्के ये लड्डू मकर संक्रांति के मौके पर खास तौर से बनाए जाते हैं। मूढ़ी के लाई के लिए सामान भी बहुत कम लगता है। मूढ़ी का लाई बनाना है तो आपको गुड़ और मूढ़ी दोनों बेहद अच्छी क्वॉलिटी का इस्तेमाल करना होगा।
गुड़ साफ सुथरा और बिना किसी गंदगी का होना चाहिए जबकि मूढ़ी बिल्कुल कुरकुरी।
सामान
मूढ़ी - 1 किलो
गुड़ - आधा किलो
घी - थोड़ा सा
विधि
सबसे पहले कड़ाही को गर्म करके उसमें मूढ़ी डाल दीजिए। अब चलाते हुए मूढ़ी को सेंक लीजिए। ध्यान रखिए कि मूढ़ी को सिर्फ गर्म करना है ताकि ये क्रिस्पी हो जाएं। इनका रंग नहीं बदलना चाहिए।
मूढ़ी को हाथ से दबाकर देख लीजिए अगर ये चूर हो जाते हैं तो इन्हें कड़ाही से निकाल लीजिए। अब गुड़ को पिघलाना होगा। इसके लिए गुड़ को अच्छी तरह से फोड़ लीजिए। इसमें एक भी गांठ नहीं रहनी चाहिए।
कड़ाही में थोड़ा सा घी डालकर गर्म कर लीजिए। अब गुड़ को कड़ाही में डाल दीजिए। अब इसमें आधा गिलास पानी (100 मिली) डाल दीजिए। गैस की आंच मीडियम करके गुड़ को चलाते रहिए ताकि ये अच्छी तरह से घुल जाए।

गुड़ को लगातार चलाते हुए एक तार की चाशनी बनाएं। इसे उंगलियों पर चिपका कर देख लीजिए कि तार बनने लगी है या नहीं। तार बनने लगे तो मानिए कि आपकी गुड़ की चाशनी तैयार है।
अब गैस बंद करके इसमें गर्म किए हुए मूढ़ी डाल दीजिए। गुड़ की चाशनी में मूढ़ी को अच्छी तरह से मिला दें। गुड़ सभी मूढ़ी पर लग जाना चाहिए।
अब गुड़ और मूढ़ी के इस मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें। जब ये हाथ में सहने लायक हो जाएं तो हथेली में एक बूंद पानी लगाकर थोड़ा सा मिश्रण हाथ में ले लें। अब इन्हें दबा-दबाकर लड्डू का आकार दे दें।
इसी तरह पूरे मिश्रण का लाई बना लें। मुरमुरे के लाई को 3-4 घंटे खुले में सूखने दें। इतने समय में सूख जाएंगे और मूढ़ी का लाई थोड़ा सख्त हो जाएगा। अब आप इन्हें एयर टाइट कंटेनर में रखकर एक दो महीने तक खा सकते हैं।

 

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