संतानेश्वर महादेव वरदान में देते हैं संतान

  • 13 Jan, 2017
  • Abhijna verma

PALAMU : आज के दौर में तमाम शहरी कपल, जिनके संतान नहीं है, वो एक बच्‍चे की चाहत में टेस्‍ट ट्यूब बेबी सेंटर से लेकर सरोगेट मदर तक के चक्‍कर काटने को भी तैयार हैं।

ऐसा करके वो पेरेंट तो बन जाते हैं लेकिन मां बाप बनने की वो सच्‍ची खुशी उन्‍हें नहीं मिल पाती। अब अगर हम ये कहें कि शिव की नगरी काशी में एक ऐसा मंदिर है जहां दर्शन करने मात्र से लोगों के भाग्‍य तक बदल जाते हैं। इस प्राचीन मंदिर में भगवान शिव का आर्शीवाद पाकर लोग आसानी से ही संतान सुख पा लेते हैं। आइए करें बनारस में बसे संतानेश्वर महादेव के पावन दर्शन।

टेस्ट ट्यूब बेबी की बात अब बीते जमाने की हो गयी है। यहां तक कि सरोगेट मदर की खबर भी अब किसी को चौंकाती नहीं है, लेकिन मां बनने के इस तरीके में वो ममता या अपनत्व नहीं है जो अपनी कोख से किसी को जनने में है। टेस्ट ट्यूब बेबी या सरोगेट मदर के दौर के पहले की वो औरतें क्या करती रही होंगी जिनकी गोद ब्याह दिये जाने के मुद्दत बाद भी सूनी ही रही हो? बाकी शहरों की तो हम नहीं जानते लेकिन काशी के बारे में यकीनी तौर पर हम कह सकते हैं कि अगर किसी नि:संतान मां ने संतानेश्वर महादेव के मंदिर की चौखट पर एक बार हाजिरी लगायी नहीं कि अगले कुछ दिनों के भीतर उसके आंगन में एक खूबसूरत सा फूल खिला नजर आता है। बेटा हो या बेटी, उस मां की गोद भरनी तय है।
संतान की प्राप्‍ति के लिए दूर दूर से लोग करने आते है रुद्राभिषेक 
वैसे तो संतानेश्वर महादेव में दर्शन करने वालों की अक्सर ही आवाजाही रहती है लेकिन संतान के इच्छुक परेशान दम्पत्ति हर सोमवार को यहां रूद्राभिषेक करने के लिए दूर दूर से आते हैं। बनारस के पुरनियों और संतानेश्वर महादेव की महिमा का बखान करने वालों का कहना है कि अगर किसी महिला का गर्भ न ठहरता हो गर्भपात के कारण उसके मां बनने की संभावना कम हो गयी हो या खत्म हो गयी हो और उसने इस मंदिर में दर्शन पूजन किया तो उसके फर्टाइल होने में देर नहीं लगती। संतानेश्वर महादेव की महिमा सुन कर दूर दराज से यहां आने वाले लोगों की जमात इस बात की जमानत है कि आस्था, विश्वास, साधना, आराधना और यकीन आज भी विज्ञान के तमाम चमत्कारों पर भारी पड़ता है।
यहीं अमृतेश्वर महादेव देते हैं दीर्घायु का वरदान
संतानेश्वर महादेव का मंदिर काशी में कालभैरव से चौखम्बा की ओर जाने वाली गली में मकान नम्बर के. 34/4 में स्थित है। मंदिर कब बना इसका कोई स्पष्ट इतिहास नहीं मिलता लेकिन काशी खंड में संतानेश्वर महादेव का उल्लेख है। शिव पुराण में भी इसका जिक्र है कि अगर काशी के संतानेश्वर महादेव में किसी नि:संतान दम्पत्ति ने जलाभिषेक कर बिल्वपत्र समर्पित किया तो उनका संतानवान होना सुनिश्चित है। मंदिर परिसर के अंदर ही मौजूद अमृतेश्वर महादेव भी अपना वजूद कायम किये हुए हैं। कहते हैं कि इन महादेव के दर्शन से कुंडली के अल्‍पायु लोग सभी संकटों और बाधाओं को जीतकर दीर्घायु होते हैं। 

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