केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने नीतीश कुमार की योग्यता पर सवाल उठाया

केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह ने नीतीश कुमार की योग्यता पर सवाल उठाया

By: kanhaiya bhelari
December 07, 10:12
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LIVE BIHAR DESK :  केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह बोलते-बोलते कुछ ज्यादा ही बोल गए. आज बीजेपी के किसान विंग को सम्बोधित करते समय मंत्री महोदय ने सीएम नीतीश कुमार की योग्यता और काम करने के तरीके पर ही सवाल उठा दिया. मंत्री का बयान जनता दल यू को काफी बुरा लगा है.

ज्यादा बोलने का अहसास उनको कार्यक्रम की समाप्ति के बाद हुआ. लेकिन जुबान से निकली हुई बोली और बंदुक से निकली हुई गोली तो वापस हो नहीं सकती. सो, अब जो परिणाम होगा देखा जाऐगा की मोड में रहना ही बढ़ते उम्र के लिये फायदेमन्द है. ऐसा उन्होने अपने नीयरेस्ट और डियरेस्ट से कहा.

बीजेपी के किसान विंग की पटना की सभा में आज कृषि मंत्री ने बहुत ही सलीके से सीएम नीतीश कुमार के वर्किंग स्टाईल और योग्यता पर सवाल उठाया. मंत्री ने कहा ‘कैसे 2005 से 2013 तक प्रदेश में अच्छे काम हुये और 2013 से 2017 के बीच विकास कार्य की गति काफी धीमी हो गई’.

 

हालाकिं मंत्री महोदय ने विस्तार से नहीं बताया लेकिन मीटींग में शिरकत कर रहे समझदार लोग में फुसफुसाहट तो होने ही लगी. एक तेज दिमाग किसान ने दूसरे स्लो माइंड के किसान को समझाया ‘ मंत्री जी का कहने का तातपर्य यह है कि 2005 से मीड 2013 तक नीतीश कुमार की यारी बीजपी के साथ थी तब विकास उपर जा रहा था और तलाक लेकर जब वो लालू यादव से गठबंधन किये तो डेवलपमेंट पाताल का रूख कर लिया’।

 

राधा मोहन सिंह ने अपने कथन को सही साबित करने के लिये प्रमाण भी दिया. उन्होने अति उत्साहित किसानों को बताया कि कैसे आर्गेनिक खेती के लिये केन्द्र सरकार द्वारा बिहार को भेजा गया फंड 2014-2015, 2015-2016 और 2016-2017 फाइनानसियल इयर में अनयूज्ड रह गया. मंत्री यहीं नही रूके. दमदार तरीके से कहा ‘ इस पीरीयड में देश भर के राज्यों के कृषि मंत्री मुझसे मिले लेकिन बिहार का कृषि मंत्री कभी नहीं’. केन्द्रीय कृषि मंत्री के बयान पर जनता दल यू ने संज्ञान लिया है.

पार्टी के रास्ट्रीय जेनेरल सेक्रेटरी के सी त्यागी ने लोकल अखबार के एक पत्रकार से टेलीफोनिक बातचीत में बताया ‘नीतीश कुमार की कार्यशैली की सब लोग तारीफ करते हैं. यहाॅंतक कि अटल बिहारी वाजपेयी ने नीतीश कुमार द्वारा रेलवे में की गई काम की सरहना की थी. ये समझने वाली बात है कि गठबंधन बदल जाने से नीतीश कुमार के वर्किंग स्टाईल पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है’। अपने प्वाइंट को सत्य साबित करने की मंशा से के सी त्यागी ने आगे कहा ‘नीतीश कुमार ने शराबबंदी जैसी क्रान्तिकारी कदम तब उठाया जब वो बीजेपी के साथ नहीं थे.

इस तरह किसी कोण से ये कहना गलत होगा कि बीजपी से अलग रहने पर सीएम नीतीश कुमार काम करने में कोताही बरतते हैं’. बताते चलें कि राधा मोहन सिंह ठसक मिजाज के नेता हैं. जो कुछ भी करना व कहना होता है सरेआम, कई लोगों की तरह पर्दे के पीछे कभी नहीं. कुछ दिन पहले ही पीएम के स्वच्छता अभ्यिान को ठेंगा दिखाते हुये खड़े-खड़े शु शु करते हुये मंत्री का वीडियो वायरल हुआ था.

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