अगर यह नीतीश का बिहार है तो दहेजमुक्त इन शादियों के चर्चे जरूर होने चाहिए

अगर यह नीतीश का बिहार है तो दहेजमुक्त इन शादियों के चर्चे जरूर होने चाहिए

By: Amrendra
July 05, 04:07
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PURNIA : जिले में दो शादियां इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों शादियां दहेज मुक्त तो है ही। साथ ही समाज के लिए एक मैसेज भी दे रही हैं।

पहली शादी में टेंट पर जगह-जगह दहेज के खिलाफ स्लोगन लिखे पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं दूसरी शादी में कार्ड में दहेज मुक्त बिहार का आह्वान किया गया है। भारती के फेसबुक पर वॉल से ली गई तस्वीरों में देखिए कि लोगों को दहेज के खिलाफ कैसे जागरूक किया जा रहा है। वहीं गुलाबबाग के भरत कुमार भगत और डगरुआ धनसार की बबीता भगत की शादी कुछ खास है। दोनों (लड़का- लड़की) अपनी अलग सोच से सोए समाज को जगाने की कोशिश कर रहे हैं।

भरत कुमार भगत अपने शादी कार्ड के जरिए दहेज प्रथा एक अभिशाप का संदेश दे रहे थे तो उनकी होने वाली पत्नी बबीता भगत ने अपनी शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अपील की। यह शादी इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि भरत दहेज मुक्त आदर्श विवाह कर रहे हैं। वह अपने कपड़े (शादी के जोड़े) में ब्याह कर रहे हैं। 

शादी के बाद दिए जाने वाले फर्नीचर को भी वह बिल्कुल गलत मानते हैं। भरत बताते हैं- इतनी मेहनत से पाल-पोस कर मां-बाप अपनी बेटी को बड़ा करते हैं उन्हें पढ़ाते हैं और फिर शादी में दहेज कितना उचित है। भरत का मानना है कि हमें दहेज लेने में शर्म महसूस करना चाहिए और जब तक हमारे समाज में दहेज प्रथा रहेगी समाज में हत्या, प्रताड़ना आदि रूकने वाला नहीं है। 

डगरुआ धनसार की बीएससी की छात्रा बबीता तो ब्याह तो कर रही हैं और कल अपने ससुराल चली जाएंगी, लेकिन उसे बेटियों की चिन्ता है। भरत की हमसफर बनने वाली बबीता ने अपनी शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देकर समाज से बेटियों को बचाने की अपील की है। बबीता कहती हैं- बेटियों को मत मारो। आज हमारी छोरिया किसी भी क्षेत्र में छोरों से कम नहीं है तो फिर ये भेदभाव क्यों ? भ्रूण हत्या को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए बबीता ने समाज से सवाल किया- आखिर क्यों कोख में मारते हो बेटियां, बेटी है तभी तो जहां है।

गुलाबबाग के भरत की बहन प्रीति भी अपनी शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दे चुकी है। 28 अप्रैल 2016 को वह अपनी शादी के कार्ड के अलावा विवाह मुंडप में भी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की मार्मिक अपील की थी।  

पूर्णिया महिला कॉलेज की पीजी की छात्रा विद्या सबसे पहले 22 फरवरी को शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दी है। इसके बाद ग्रेजुएशन की छात्रा नेवा लाल चौक की ज्योति ने अपनी शादी के कार्ड पर यह अपील की। विद्या के इस सन्देश का इतना पॉज़िटिव रिस्पॉन्स मिला कि कई सामाजिक संगठनों ने विद्या को सम्मानित किया। इतना ही नहीं विद्या विहार इंजीनियरिंग कॉलेज ने तो दो कदम आगे बढ़कर बेटियों के एडमिशन पर 25 फीसदी छूट की भी घोषणा की। इसके बाद विद्या तो समाज के लिए नजीर ही बन गई। विद्या के बाद गुलाबबाग की बेटी प्रीति ने 28 अप्रैल को अपनी शादी के कार्ड पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की अपील की थी।

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