इस कहानीवाली नानी के चर्चे हैं विदेशों तक....बच्चों को Whatsapp पर सुनाती हैं कहानियां

इस कहानीवाली नानी के चर्चे हैं विदेशों तक....बच्चों को Whatsapp पर सुनाती हैं कहानियां

By: Sanjeev kumar
September 01, 08:09
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LIVE BIHAR DESK : आजकल ज्यादातर बच्चे दादा-दादी साथ नहीं रहते हैं और न ही बच्चों को उनकी कहानियां सुनने को मिलती हैं। ऐसे में बच्चे आज अपने ग्रैंडपैरेंट्स की कहानियों से वंचित हैं। उनके इस दर्द को समझते हुए बैंगलुरू की सरला मिनी ने एक अनोखा कदम उठाया है।

बच्चों को दादी-दादी की कमी महसूस न हो और वे उनकी बेडटाइम स्टोरीज भी सुन पाएं, इसके लिए सरला मिनी बच्चों को वॉट्सएप पर कहानियां रिकॉर्ड करके सुना रही हैं। सरला एक रिटायर्ड टीचर हैं और ये बच्चों के बीच अब कहानीवाली नानी के नाम से पॉपुलर हो गई हैं। उनका मानना है कि कहानियां सुनना बच्चों का अधिकार है। अपने मिशन के जरिए वह हर बच्चे को बेडटाइम स्टोरीज सुनाना चाहती हैं। इसके लिए बस बच्चों को एक वॉट्सएप मैसेज करने की जरूरत है, अपना नाम, डेट ऑफ बर्थ और किस भाषा में बच्चा कहानी सुनना चाहता है , ये सब बताना होता है।

सरला मिनी बताती हैं कि आज बच्चों की अपने दादा-दादी से बॉन्डिंग कम होती जा रही है। उनकी कमी पूरी करने के लिए वे वॉट्सएप पर ही बच्चों को कहानियां सुनाती हैं। हर कहानी 8 मिनट की होती है, जिसके लिए वे पहले से स्क्रिप्ट तैयार करके रखती हैं। ये कहानी ज्यादातर इंग्लिश और हिंदी में होती है, बाकी बच्चे की फरमाइश पर तय होता है, कि उसकी डिमांड क्या है। वे बताती हैं कि पहले मैं खुद कहानी के सभी वर्जन को पढ़ती हूं, स्क्रिप्ट तैयार करती हूं, फिर रिकॉर्ड करती हूं। सीधे सबस्क्राइबर को पोस्ट नहीं करती, इससे पहले अपनी भतीजी को सुनाती हूं, सही रिस्पांस पर इसे आगे शेयर करती हूं।

खास बात ये है कि कहानीवाली नानी से कहानियां सुनने के लिए बच्चों को कोई फीस भी नहीं देनी होती। जो भी हो, लेकिन ये सच है कि बच्चे बेसब्री से उनकी कहानी का इंतजार करते हैं।सरला फिलॉसफी और सायकोलॉजी सबजेक्ट से ग्रेजुएट हैं। पहले तो वे अपने घर के बच्चों को ही कहानियां सुनाती थीं, लेकिन उनकी भतीजी पारूल ने उन्हें ये कहानियां रिकॉर्ड करने का आइडिया दिया। तब से सरला अपनी कहानियों को रिकॉर्ड कर वॉट्सएप के जरिए सुनाती हैं।

सरला मिनी केवल अब देश में ही नहीं बल्कि दुनियाभर में पॉपुलर हो गई हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी दुनिया में 6 हजार से ज्यादा बच्चे उनकी कहानियां सुन रहे हैं। सरला ने 4 महीने पहले ही ये काम शुरू किया है , लेकिन कुछ ही समय में उनके अच्छे-खासे सब्स्क्राइबर हो गए हैं। अमेरिका से लेकर दुबई, लंदन, नाइजीरिया, स्विटजरलैंड और ऑस्ट्रेलिया तक उनके चर्चे हैं। उनके होते हुए अब बच्चों को अपने दादा-दादी और नाना-नानी की याद नहीं सताएगी।
 

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