पटना मेंट्रो पर तेजी से हो रहा काम, सोमेश सिंह को बनाया गया परियोजना निदेशक

PATNA : पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएमआरसीएल) को शुक्रवार को छह अधिकारी और तीन कर्मचारी मिल गए। इन सभी को नगर विकास एवं आवास विभाग से प्रतिनियुक्ति पर कॉरपोरेशन में तैनात किया गया है। अब तक पीएमआरसीएल में सिर्फ सीएमडी ही पदस्थापित थे। ऐसे में मेट्रो के काम को गति देना संभव नहीं था। बाकी पदों का भी खाका तैयार कर लिया गया है। हालांकि जिन अफसरों व कमियों की तैनाती दी गई है, उन पर पहले से ही विभागीय काम का बोझ अधिक है। नगर विकास विभाग के विशेष सचिव और कॉरपोरेशन में निदेशक संजय दयाल अब मेट्रो का काम सीजीएम तकनीकी के रूप में देखेंगे। दूसरे विशेष सचिव संजय कुमार को मुख्य वित्ताधिकारी का प्रभार मिला है।

विभाग में तैनात अधिशासी अभियंता सोमेश सिंह परियोजना निदेशक होंगे। अब तक मेट्रो के नोडल पदाधिकारी के रूप में काम देख रहे अभियंता मनोज कुमार जीएम प्रोक्योरमेंट का काम देखेंगे। हाउसिंग बोर्ड के अधीक्षण अभियंता विजयशील कश्यप पर जीएम वर्क्स का अतिरिक्त प्रभार होगा। विभाग का काम देख रहे कंपनी सेक्रेट्री को ही रिटेनरशिप पर कॉरपोरेशन में रख लिया गया है। विभाग में प्रशाखा अधिकारी अजय कुमार, सहायक राजीव रंजन और ललन कुमार को भी अतिरिक्त काम देखना होगा। इसका आदेश सरकार के अवर सचिव रामसेवक प्रसाद ने शुक्रवार को जारी किया है।

सुबह पांच बजे पहली तो रात 12 बजे तक दौड़ेगी आखिरी पटना मेट्रो, बहुत जल्द होगा सपना पूरा :  मेट्रो पटना वासियों के जीव में कई नए बदलाव लेकर आएगी। सबकुछ तय कार्यक्रम के हिसाब से हुआ तो 2024 से राजधानी में मेट्रो दौड़ने लगेगी। मेट्रो का समय इसी को ध्यान में रखकर तय किया गया है। पटना में मेट्रो 19 घंटे यानी सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक लगातार दौड़ेगी। इसके लिए अलग अलग शिफ्ट में स्टाफ रखे जाएंगे। गाड़ियों के नियमित रखरखाव के लिए एतबारपुर और नए आईएसबीटी के निकट दो डिपो प्रस्तावित हैं पटना मेट्रो को दो चरणों में प्रस्तावित किया गया है।

 

पहले चरण में करीब 31 किलोमीटर का एरिया लिया गया है, जिसमें दो कॉरिडोर शामिल हैं। मेट्रो की फाइनल डीपीआर के हिसाब से मेट्रो लाइन बिछाने और डिपो के अलावा दोनों कॉरिडोर में 20-20 हेक्टेटर जमीन मेट्रो के सामान के लिए यार्ड बनाने के लिए ली जाएगी। यह जमीन अस्थायी तौर पर ली जाएगी जिसे काम खत्म होने के बाद खाली कर दिया जाएगा। उधर, नगर विकास एवं आवास विभाग डीपीआर को आगामी कैबिनेट में रखे जाने की तैयारी में जुटा हुआ है।

 

मेट्रो के दो स्टेशनों के बीच सबसे कम दूरी 671 मीटर है, जोकि गोल्फ कोर्स और पटना जू मेट्रो स्टेशन के बीच है। दरअसल वहां से पटना एयरपोर्ट नजदीक है। एयरपोर्ट आने जाने वाले ट्रैफिक को कवर करने के लिए काफी कम दूरी होने के बावजूद वहां स्टेशन प्रस्तावित किया गया है। सामान्य तौर पर दो मेट्रो स्टेशन के बीच कम से कम एक किलोमीटर का फासला जरूरी है।