पूर्णिया सदर अस्पताल में बनेगा मेडिकल कॉलेज, 365.58 करोड़ होंगे खर्च, समय सीमा 36 महीने

PATNA : जिलेवासियों के मेडिकल कॉलेज का सपना वर्षों बाद अब पूरा होने जा रहा है। सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का शिलान्यास 17 फरवरी को पीएम नरेंद्र मोदी व सीएम नीतीश कुमार ने किया था। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सदर अस्पताल में मेडिकल कॉलेज का विधिवत भूमि पूजन व शुभारंभ किया। इसके बाद मंत्री व अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उदघाटन किया। डीएम प्रदीप कुमार झा ने स्वागत भाषण दिया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 365.58 करोड़ राशि आवंटित की है। यह 36 महीने के अंदर बनकर तैयार हो जाएगा।

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि आज ऐतिहासिक और अविस्मरणीय दिन है। पूर्णिया की चिर परिचित मांग पूरी हुई। गरीबों की सेवा से बढ़कर कुछ नहीं है। अब किसी गरीब को इलाज के अभाव में मरने नहीं दिया जाएगा। कोई मरीज अब रेफर नहीं किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेज बनने से अब गरीब परिवार के छात्र भी कम खर्च में मेडिकल की पढ़ाई कर पाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार के अथक प्रयास से यह काम पूरा हो पाया है। मेडिकल कॉलेज के साथ 500 बेड का अस्पताल बनेगा और अस्पताल में सभी बीमारियों का इलाज होगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि यह अस्पताल पूरी तरह मॉडर्न होगा। छात्र-छात्रा, डॉक्टर के लिए 519 बेड का छात्रावास बनेगा।

ये लोग रहे मौजूद :कार्यक्रम में डीडीसी अमन समीर, एसडीएम डॉ विनोद कुमार,मेडिकल कॉलेज निर्माण योजना के प्रबंधक रामानंद महतो,भागलपुर मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ आरसी मंडल, सिविल सर्जन डॉ केएम पूर्वे,अस्पताल अधीक्षक डॉ जीके घोष, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रफुल्ल रंजन वर्मा समेत अन्य लोग मौजूद थे।

Quaint Media, Quaint Media consultant pvt ltd, Quaint Media archives, Quaint Media pvt ltd archives, Live Bihar, Live India
बताते चले कि स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने सोमवार को सदर अस्पताल में मेडिकल काॅलेज का भूमि पूजन किया। मंत्री का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद डीएम प्रदीप कुमार झा ने उन्हें विदाई दी और सभी अतिथियों के चले जाने के बाद डीएम द्वारा सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों का औचक निरीक्षण किया गया। डीएम को वार्ड की ओर जाते देख अस्पताल के अधिकारियों में अफरा तफरी मच गई। डीएम सबसे पहले एसएनसीयू वार्ड पहुंचे और वार्ड का जायजा लिया। एसएनसीयू वार्ड के बाहर बने शेड को सुधार करने के लिए अस्पताल प्रबंधक को निर्देश दिया। डीएम वार्ड के अंदर प्रवेश कर गए और नवजात शिशु को वेंटीलेटर पर रखरखाव का जायजा लिया। उसके बाद डीएम मॉडल लेबर रूम पहुंचे और करीब 15 मिनट तक वार्ड का निरीक्षण किया।

500 बेड का होगा अस्पताल,छात्रों और डॉक्टरों के लिए 519 बेड का छात्रावास: सदर अस्पताल में 23 एकड़ जमीन अधिग्रहित किया गया है। इसमें 8,36,500 वर्ग फीट में भवन का निर्माण होगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने 113.40 करोड़ और राज्य सरकार ने 252.18 करोड़ रुपए आवंटित किया है। मेडिकल कॉलेज के लिए 36 माह के अंदर भवन तैयार कर लिया जाएगा। कॉलेज भवन निर्माण के बाद पढ़ाई की सत्र शुरू हो जाएगी। इसमें 500 बेड का सदर अस्पताल होगा। छात्र छात्रा और डॉक्टरों के लिए 519 बेड का छात्रावास होगा। स्टाफ व फैकल्टी के रहने के लिए 100 आवास भवन का निर्माण होगा। मरीज के साथ आने वाले परिजनों के लिए 200 बेड का धर्मशाला बनाया जाएगा। मेडिकल कॉलेज में नौ ऑपरेशन थियेटर होगा और वार्डों में नर्सों को बुलाने के लिए कॉल सिस्टम लगाया जाएगा। जिले में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने पर लोगों ने खुशी जाहिर की। रोगी कल्याण समिति के सदस्य राणा सिंह, केडी शरण व स्वाति वैश्यंत्री ने बुके देकर मंत्री का स्वागत किया।