बिहार में शिक्षा का हाल बेहाल, मैट्रिक के बच्चे को पढ़ा रहे हैं मिडिल स्कूल के टीचर, छात्रों का भविष्य अंधकारमय

PATNA : बिहार में बहार है नीतीशे सरकार है जहां शिक्षा का हाल बेहाल है…बिहार में शिक्षा जगत का हाल इन दिनों काफी खरबा है। लाख प्रयास करने के बाद भी पठन पाठन नहीं हो पा रहा है। इसका एक कारण शिक्षकों की कमी को बताया जा रहा है।

ताजा अपडेट के अनुसार शिक्षकों की कमी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसका उदाहरण है अपग्रेड किए गए राज्य के उत्क्रमित मध्य विद्यालय। इन स्कूलों को अपग्रेड तो किया गया लेकिन वहां शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई। नतीजतन मध्य विद्यालयों (आठवीं तक) के ही शिक्षक हाईस्कूलों (उच्च माध्यमिक) के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। कई हाईस्कूल ऐसे भी हैं जहां एक या दो शिक्षक ही हैं।

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 2009 से मध्य विद्यालयों को अपग्रेड करने की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रदेशभर में हर पंचायत में मध्य विद्यालय को माध्यमिक में अपग्रेड किया जाना था। हालांकि यह प्रक्रिया भी सुस्त रही। हर साल एक हजार स्कूलों को उच्च माध्यमिक में अपग्रेड करना था, पर 2013-14 को छोड़ कभी भी लक्ष्य पूरा नहीं किया गया। राज्य की कुल 8391 पंचायत में से 5822 मध्य विद्यालय को ही उच्च माध्यमिक में अपग्रेड किया गया है। लेकिन स्थिति यह है कि इन 5822 उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालयों में महज 3372 शिक्षक ही कार्यरत हैं।

इसका असर पढ़ाई पर पड़ रहा है। छात्र स्कूलों में केवल हाजिरी बनाने जाते हैं। कई अपग्रेडेड स्कूल ऐसे हैं जहां भवन तैयार हैं, कक्षाओं में बेंच, कुर्सियां लगी हैं लेकिन शिक्षक ही नहीं हैं। आरटीआई से मिली जानकरी के अनुसार पटना जिले के 153 अपग्रेड हाईस्कूलों में से 76 व नालंदा के 126 स्कूलों में से 111 में शिक्षकों की कमी है। भागलपुर के 72 में 23, मुजफ्फरपुर में 71 में 20, सीतामढ़ी के अपग्रेड 90 हाईस्कूलों में से 55 में शिक्षक या तो नहीं हैं या कम हैं। यही हाल राज्य के दूसरे जिलों का भी है।

सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे फेल टीचर : प्रारंभिक शिक्षक मूल्यांकन (दक्षता) परीक्षा में तीन बार फेल शिक्षक भी सेवा में बने रहेंगे। नियमावली के आधार पर तीन बार दक्षता परीक्षा में फेल होने पर जिन शिक्षकों को सेवा से हटा दिया गया था, वैसे शिक्षकों को पुन: सेवा में लेने के आदेश सरकार ने जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

Source: bihari

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