Green Bihar : एकदिन में लगायेंगे ढाई करोड पौधे, हर पंचायत में 2000 पौधे

PATNA : बिहार में वनाच्छादन को 17 फीसदी तक ले जाने के लिये अभियान चलाया जायेगा। अगले वर्ष अगस्त महीने में यह अभियान चलाया जायेगा। एकदिन में कुल ढाई करोड पौधे लगाये जायेंगे। सभी पंचायत में 2000 पौधे लगाये जायेंगे। पिछले साल उत्तर प्रदेश में इसी तरह का राज्यव्यापी अभियान चलाया गया था। उत्तर प्रदेश में एक दिन में 22 करोड पौधे लगाये गये थे। बिहार में भी बढते प्रदूषण के खतरे को देखते हुए इस अभियान की रूपरेखा तय की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वनाच्छादन 17 फीसदी तक ले जाने का टारगेट दिया है।
वन विभाग का मानना है कि इस महाअभियान की सफलता ग्राम पंचायतों पर बहुत हद तक निर्भर करती है। इसलिये विभाग जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायतों पर रूपरेखा बनाने में जुटा है। विभाग का दावा है कि इस वित्तीय वर्ष में डेढ करोड पौधा रोपण का लक्ष्य था जिसमें से अभी तक एक करोड 30 लाख पौधा लगा दिया गया है। बहरहालए अगले साल नौ अगस्त को होने वाले पौधरोपण महाभियान की सघन निगहबानी के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था तय की गई है। प्रखंड से लेकर राज्य तक इसकी मॉनिटरिंग होगी। प्रखंड स्तर पर बीडीओ की कमेटी, जिला स्तर पर डीएम की कमेटी और राज्य स्तर पर मुख्य सचिव स्तर से निगरानी की जाएगी।

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दरअसल उत्तर प्रदेश (यूपी) बीते साल 22 करोड़ पौधे लगाने का कीर्तिमान स्थापित कर चुका है। उस अभियान में पंचायत स्तर पर पौधरोपण की जिम्मेदारी तय की गई थी। बिहार ने भी महाभियान के लिए पंचायतों को ही केंद्र में रखा है। हर पंचायत को हर हाल में दो हजार पौधे तो लगाने ही होंगे। इससे ऊपर वो चाहे जितने भी लगा सकते हैं। बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में पौधरोपण की प्रतियोगिता होगी। जल-जीवन-हरियाली अभियान में भी पौधरोपण को प्रमुख घटक बनाया गया है। वन विभाग द्वारा राज्य में इस साल डेढ़ करोड़ पौधे रोपे जाने का लक्ष्य तय हुआ था। इसमें से करीब एक करोड़ 30 लाख का रोपण हो जाने का दावा विभाग कर रहा है। अगले साल और बड़ी लकीर खींचनी है। इतने बड़े पैमाने पर लगाने के लिए पौधे नहीं थे, सो विभाग मौजूदा पौधशालाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ ही नई पौधशालाओं की नींव रख रहा है।
सभी जिलों को महाभियान की तैयारी का निर्देश दिया गया है। कृषि सहित दूसरे विभागों को भी प्रस्ताव दिया गया है कि स्वामित्व हस्तांतरण किए बिना सिर्फ पौधशाला के लिए जमीन दे दें। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी हर दिन अगले साल होने वाले महाभियान की समीक्षा में जुटे हैं। मुख्य सचिव स्तर से भी गत दिवस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों को इस संबंध में तैयारी के निर्देश दिए गए हैं। महाभियान की तैयारी जोर-शोर से की जा रही है।