जानियें बिहार में कितना रोचक होगा अंतिम चरण का मतदान, दिग्गज नेताओं की सीट दांव पर

Patna: बिहार में लोकसभा चुनाव-2019, 12 अप्रैल को शुरु हुआ था। अबतक यहां छह चरणों में चुनाव हो चुका है। सातवां और अंतिम चरण में आठ सीटों पर चुनाव कल यानी 19 मई को होगा। इनमें नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम, काराकट, जहानाबाद संसदीय सीटें शामिल हैं। इसमें कई सीट ऐसे हैं, जहां मुकाबला कड़े टक्कर की है।

कौन नेता कहां से लड़ रहे हैं-

पटना साहिब से कांग्रेस के नेता शत्रुघ्न सिन्हा और भारतीय जनता पार्टी के रविशंकर प्रसाद के बीच कड़ी टक्कर है। वर्ष 2009 और 2014 में शत्रुघ्न सिन्हा भाजपा के टिकट से पटना साहिब में जीत चुके हैं, लेकिन भाजपा के बागी होने के कारण, उन्हें इस बार भाजपा ने टिकट नहीं दिया।

पाटलिपुत्र में लगातार दूसरी बार भाजपा के रामकृपाल यादव और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की मीसा भारती के बीच मुकाबला है। काराकाट लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के उपेंद्र कुशवाहा और जदयू के महाबली सिंह के बीच मुकाबला होगा। 2014 में उपेंद्र कुशवाहा यहां से जीते थे। राजद दूसरे और जदयू तीसरे नंबर पर था।

अबतक सबसे अधिक चौथी बार सासाराम में कांग्रेस पार्टी की मीरा कुमार और भाजपा के छेदी पासवान के बीच मुकाबला होगा। 2014 में छेदी पासवान ने मीरा कुमार को हराया था। नालंदा में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के कौशलेंद्र कुमार और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के अशोक चंद्रवंशी के बीच पहली बार कड़ा टक्कर है। पिछली बार कौशलेंद्र कुमार नालंदा से जदयू के टिकट पर ही चुनाव जीते थे।

बक्सर, ब्राह्मण बहुल इस इलाके में भाजपा के अश्विनी चौबे और राजद के जगदानंद सिंह फिर आमने-सामने हैं। आरा में भाजपा के आरके सिंह और माले के राजू यादव के बीच टक्कर है। 16वीं लोकसभा चुनाव में यहां से आरके सिंह जीते थे। जहानाबाद से 2014 में रालोसपा से अरुण कुमार चुनाव जीते थे। यहां से राजद के सुरेंद्र यादव चुनाव लड़ रहें हैं, वहीं जदयू ने चंदेश्वर चंद्रवंशी को मैदान में उतारा है।

कैसी है चुनावी तैयारी-

इस चरण के लिए एनडीए और महागठबंधन के सभी स्टार प्रचारकों ने अपनी पूरी ताकत से चुनाव प्रचार किया है। अब चुनाव प्रचार का समय भी खत्म हो चुका है। मतदान के लिए सुरक्षा-बलों और चुनाव आयोग ने अपनी कमर कस ली है।बिहार के जिस इलाकों में चुनाव होने है, वहां 81 हजार मतदाता कर्मी को तैनात किया जा रहा है। दियारा क्षेत्र, जिसे नक्सल प्रभावित क्षेत्र भी माना जाता है, वहां चुनाव को निष्पक्ष और हिंसामुक्त चुनाव कराने के लिए घुड़सवार दश्ता को भी भेजा जा रहा है।

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