बिहार में आंगनबाड़ी सेविका बहाली में फर्जीवाड़ा, प्रमाणपत्र मिले फर्जी

राज्य भर के 1.06 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका-सहायिकाओं की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की खबर से समाज कल्याण विभाग में खलबली मच गयी है.

पूर्वी व पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जमुई, किशनगंज सहित अन्य जिलों में आवेदन करने वाली अभ्यर्थियों ने नेपाल, केरल व ओड़िशा से फर्जी सर्टिफिकेट बनवाकर नियुक्ति पा ली है. जांच में 150 से अधिक अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट फर्जी पाये गये हैं. ऐसी सेविका और सहायिकाओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश दिया गया है. विभागीय मंत्री रामसेवक सिंह ने बाकी जिलों में भी चयन प्रक्रिया में दिये गये प्रमाणपत्रों की सख्ती से जांच कराने का आदेश दिया है.

समीक्षा बैठक में खुलासा : इस मामले का खुलासा पिछले दिनों समाज कल्याण विभाग की हुई समीक्षा बैठक में हुआ. अब तक इस मामले को अधिकारियों ने दबा रखा था.

जब मंत्री के समक्ष मामला उजागर हुआ, तो उन्होंने कड़ाई से इसकी जांच कराने का आदेश दिया. सोमवार को मंत्री के निर्देश पर सभी जिलों को हाल ही में सेविका और सहायिकाओं की हुई नियुक्ति में दिये गये सभी प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच कराने का आदेश दिया गया है. साथ ही केरल और नेपाल के प्रमाणपत्र वाली सेविका और सहायिकाओं की उम्मीदवारी भी रद्द करने का निर्देश दिया गया है.