नियोजित शिक्षकों का नीतीश सरकार पर बड़ा आरोप, सुप्रीम कोर्ट में हार को बताया सरकार की साजिश

PATNA – शिक्षक संघ ने बिहार सरकार को शिक्षक विरोधी करार दिया है। बिहार सरकार की मंशा है कि स्कूलों में विद्यार्थियों की पढाई रोक दी जाये। शिक्षकों के साथ-साथ गरीब बच्चों के साथ भी छलावा हो रहा  है। 

इससे पहले बिहार के नियोजित शिक्षकों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अपनी लड़ाई जारी रखने का फैसला किया. शिक्षकों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का भी निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बिहार के 3. 5 लाख शिक्षकों को लगा बड़ा झटका लगा है।

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संघ महासचिव ने कहा कि सरकार के खिलाफ सभी संघ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है और सरकार को लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव में भी इसका जवाब दिया जाएगा ।  प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव , ‘आनंद मिश्रा’ ने चेतावनी दी है कि गर्मी की छुट्टियों  के बाद शिक्षक सरकार से लड़ने को तैयार है और शिक्षक हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके लिए अगली रणनीति तैयार की जा रही है।

बता दें कि इस मामले में आठ साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद पटना हाइकोर्ट ने साल 2017 को अपना फैसला बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के पक्ष में दिया था लेकिन आज सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हाईकोर्ट का फैसला पलटते हुए नया फैसल सुनाया है।