बिहार में नहीं थम रहा AES का कहर, गया में 5 मासूम बच्चों की मौ’त

PATNA: बिहार में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम AES से अबतक 150 से अधिक बच्चों की मौ’त हो चुकी है। AES का सबसे ज्यादा प्रभाव मुज़फ्फरपुर में देखने को मिला। वहीँ अब गया में भी AES का असर देखने को मिल रहा है।

मुज़फ्फरपुर के बाद अब गया जिले में AES से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिले के मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक सप्ताह से चमकी से पीड़ित मरीजों का आना अभी भी जारी है। अस्पताल में अब तक चमकी बुखार से पीड़ित 15 बच्चे एडमिट किये गए हैं। जिनमें से पांच बच्चों की मौ’त हो चुकी है।

बताया जा रहा है कि बारिश शुरू होने के बाद गया जिले के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कालेज के अस्पताल में 5 दिनों के अंदर 15 बच्चों को भर्ती कराया गया है। जिनमें 5 बच्चों की मौत की रिपोर्ट अभी आना बाकी है।

मगध मेडिकल कालेज के अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि वो किसी भी तरह की बीमारी से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। अस्पताल में स्पेसल वार्ड की व्यवस्था की गई है, मरीज बढ़ने पर स्पेसल ICU वार्ड में भर्ती कराया जाएगा।

बता दें कि बिहार में AES मासूम बच्चों पर काल बनाकर आया। जिसके चलते राज्य में 150 से अधिक बच्चों की मौ’त हो गई। चमकी बुखार को लेकर राज्य में विपक्षी दलों द्वारा जमकर राजनीति भी की जा रही है। बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान आरजेडी कार्यकर्ताओं ने नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वहीँ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग की।