जीतनराम मांझी के बाद अब कांग्रेस ने भी महागठबंधन छोड़ने के दिए संकेत

PATNA : बिहार में महागठबंधन का भविष्य खतरे में नज़र आ रहा है। जीतनराम मांझी द्वारा महागठबंधन छोड़ने के बाद अब कांग्रेस के तेवर भी तल्ख़ हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्र ने कहा कि राजनीति में कोई भी गठबंधन स्थायी नहीं होता। हमने महागठबंधन में रहने का फैसला केवल लोकसभा चुनाव तक किया था। अभी आगे की रणनीति तय करनी है।

प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा है कि राजनीति में कोई भी गठबंधन स्थायी नहीं होता। जरूरी नहीं कि बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही गठबंधन चलेगा। विधानसभा चुनाव में आवश्यकता पड़ी तो एक सामान विचारधारा रखने वाली पार्टियां मिलकर एक बार फिर से इसे नया आकार दे सकती हैं। प्रेमचंद्र मिश्र ने कहा कि आज की तारीख़ में हर पार्टी अपने-अपने स्तर से अपनी-अपनी राजनीतिक गतिविधियों को चला रही हैं। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव के समय महागठबंधन में कांग्रेस-राजद समेत मांझी की पार्टी हम, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी रालोसपा, शरद यादव और मुकेश सहनी की पार्टी भी शामिल थी।

इससे पहले जीतन राम मांझी ने कहा था कि हमने राबड़ी देवी से भी बात की लेकिन किसी तरह का कोई रास्ता नहीं निकला। मांझी ने कहा कि हमारी पार्टी के अस्तित्व पर ख़तरा मंडरा रहा है। इससे बचने के लिए हमने महागठबंधन से अलग होने का फैसला लिया। इस पर राजद ने कहा था कि अगर उन्हें महागठबंधन से बाहर जाना है तो वो स्वतंत्र है। उन्हें किसी ने नहीं रोका है। इस सब बयानबाज़ी के बावजूद राजद कभी नहीं चाहेगा कि जीतनराम मांझी की पार्टी महागठबंधन से अलग हो जाय क्योंकि राजद शुरू से प्रदेश में नीतीश कुमार और भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता को बरकरार रखने की बात करता है।