sc के फैसले के बाद नियोजित शिक्षकों के साथ तेजस्वी- कहा हम करेंगे मदद

पटना: तीन लाख पचास हजार नियोजित शिक्षकों से सम्बंधित पटना हाई कोर्ट के टीचरों के पछ वाले फैसले को सुप्रीम कोर्ट के पलटने के बाद आरजेडी प्रमुख लालू यादव के पुत्र तेजस्वी यादव ने एक ट्वीट कर मौजूदा नितीश सरकार के साथ साथ केंद्र की मोदी सर्कार को भी घेरा साथ ही साथ सभी को महा गठबंधन की तरफ से हर संभव मदद के लिए आश्वासन दिया है।
तेजस्वी यादव ने अपने इस ट्ववीट में कहा है कि किसी को भी बिल्कुल परेशान होने की जरूरत नहीं अभी केंद्र में महागठबंधन की सरकार बनने के बाद
आपकी मांगों का सम्पूर्ण समाधान खोजा जायेगा, और राज्य में हमारी सरकार आने के बाद आप सभी की हर तरह की हर संभव मदद की जाएगी और इसके साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट में भी मदद की जाएग

तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद लोगों ने इसको चुनावी बयान स्टंट बताया है। तो वही बहुतायत संख्या में लोगों ने इसका समर्थन भी किया है।
गौरतलब है कि एक लम्बे समय से नियोजित शिक्षक वेतन सम्बंधित समस्याओं को लेकर को लेकर दर दर भटक रहे हैं शिक्षकों के सुप्रीम कोर्ट में इस लंबित मामले को लेकर शुक्रवार को फैसला आया है शिक्षकों के सुप्रीम कोर्ट में केस हारने काे बाद शिक्षकों ने इसको पूर्णयता सरकार की साजिश करार दिया।

क्या है पूरा मामला?

बिहार में करीब 3.5 लाख नियोजित शिक्षक काम कर रहे हैं। शिक्षकों के वेतन का 70 फीसदी पैसा केंद्र सरकार और 30 फीसदी पैसा राज्य सरकार देती है। वर्तमान में नियोजित शिक्षकों (ट्रेंड) को 20-25 हजार रुपए वेतन मिलता है। दरसल समान कार्य के बदले समान वेतन की मांग मान ली जाती तो शिक्षकों का वेतन 35-44 हजार रुपए हो जाता, गौरतलब है कि राज्य सरकार की तरफ से दलील दी गई थी, कि बिहार सरकार आर्थिक रूप से शिक्षकों को वेतन देने में सक्षम नहीं है। सरकार शिक्षकों के वेतन में केवल 20 फीसदी तक वृद्धि कर सकती है. नियोजित शिक्षकों के समान काम समान वेतन के मामले पर पटना हाईकोर्ट ने 31 अक्टूबर 2017 को नियोजित शिक्षकों के पक्ष में फैसला सुनाया था। बाद में राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2017 को सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।

जिससे नाराज प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रदेश महासचिव आनंद मिश्रा ने चेतावनी देते हुए ये तक कह डाला कि गर्मी की छुट्टी के बाद शिक्षक सरकार से लड़ने को तैयार हैं,और शिक्षक हड़ताल पर जा सकते हैं। इसके लिए अगली रणनीति तैयार की जा रही है।

शिक्षक संघ ने बिहार सरकार को शिक्षक विरोधी करार दिया और कहा कि सरकार की मंशा है कि स्कूलों में पठन-पाठन ठप कर दिया जाए. शिक्षकों के साथ-साथ गरीब बच्चों के साथ भी छलावा हो रहा है.
बिहार के नियोजित शिक्षक हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।

शिक्षक संघ महासचिव ने कहा कि सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी की जा रही है सरकार को लोकसभा चुनाव में तो इसका जबाब मिलेगा ही साथ-साथ विधानसभा चुनाव में भी इनको इनकी करनी कथनी का करारा जवाब दिया जाएगा। इससे पहले बिहार के नियोजित शिक्षकों ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद अपनी लड़ाई जारी रखने का फैसला लिया है । शिक्षकों ने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का भी निर्णय लिया है। शिक्षकों के वकील राकेश कुमार मिश्रा ने को बताया कि इस फैसले के खिलाफ हम एक पुनर्विचार याचिका दाखिल करेंगे।