अयोध्या फैसला : राम मंदिर कारसेवा में जा’न देने वाले बिहार के युवक के परिजनों ने जताया संतोष

PATNA : बिहार के मुजफ्फरपुर के संजय कुमार ने राम मंदिर की कारसेवा में अपनी जा’न गं’वाई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके परिजनों ने इस पर संतोष जताया है। बिहार से अयोध्या में कार सेवा में गये एकमात्र संजय कुमार की ही मौ’त गो’ली लगने से हुई थी।

सु्प्रीम कोर्ट का अहम फैसला आने के बाद राम मंदिर निर्माण के लिए जा’न देने वाले संजय कुमार की बेटी और उनके साथ कार सेवा में अयोध्या गये सहयोगियों ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले को देश के हर नागरिक को दिल से स्वीकार करने की अपील की।

आपको बता दें कि मुजफ्फरपुर के कांटी थाना क्षेत्र के साईन गांव के रहने वाले युवा संजय कुमार अपने दोस्तों के साथ विश्व हिन्दू परिषद के आह्वान पर कार सेवक के तौर पर अयोध्या गये थे। पहली बार 30 अक्टूबर 1990 को अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद परिसर में कारसेवकों का जत्था सांकेतिक तौर पर शांतिपूर्ण ढंग से पहुंचा था। 2 नवंबर को जब विश्व हिन्दू परिषद का आन्दोलन तेज हुआ था तो पु’लिस द्वारा चलाई गई गो’ली से संजय कुमार की मृ’त्यु हो गयी थी। उस समय संजय की आयु केवल 29 साल थी।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की संविधान पीठ ने शनिवार को अयोध्या केस पर फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने 45 मिनट तक फैसला पढ़ा और कहा कि मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाया जाए और इसकी योजना 3 महीने में तैयार की जाए। कोर्ट ने 2.77 एकड़ की विवादित जमीन रामलला विराजमान को देने का आदेश दिया और कहा कि मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन आवंटित की जाए।