बेगूसराय की जनता में गुस्सा,कहा- जे नेता हाथ जोरि वोट मांगय ल ऐथिन हुनका हाथ पर गरम पानी धे देबै

PATNA : लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिए वैसी समस्या भी चुनावी मुद्दे बनेगें जो कभी चर्चा में थी और अब लोगों के लिए समस्या बन चुकी है। इसी में मुख्यमंत्री का सात निश्यच योजना भी आता है। शहर से लगभग चार किलोमीटर दूर महादलित पंचायत सूजा जहां आज से लगभग एक वर्ष पहले सात निश्चय योजना के तहत खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हर घर नल का जल, बिजली, शौचालय, नली गली योजना, सड़क समेत कई योजनाओं के पूरा होने पर उसका उद्घाटन किया था। तब सूजा पंचायत चकाचक था। गरीब बस्ती किसी टाउनशिप से कम नही लग रहा था। लोगों को यह लगने लगा था कि अब उनका पंचायत भी मॉडल हो जाएगा।

 

पीने के लिए फिल्टर पानी खरीदना नही पड़ेगा, शौचालय के खेतों में नही जाना पडे़गा, घरों में नल के द्वारा साफ पानी आएगा, हर घर से गंदा पानी सीधे नाली में जाएगा, बिजली भी प्रर्याप्त मिलेगी। लेकिन मुख्यमंत्री उस पंचायत से जाते-जाते सारी व्यवस्था भी अपने साथ ले गए। जनवरी 2017 में सीएम नीतीश कुमार ने सूजा गांव में सात निश्चय के तहत कई योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन किया था। तब सूजा गांव की व्यवस्था देख कर यह कहा जाने लगा था कि सीएम की सात योजना का सूजा मॉडल गांव होगा। लेकिन इस योजना की सच्चाई यह दिखी कि मुख्यमंत्री के जाते ही एक दिन बाद से पानी आना बंद हो गया। एक सप्ताह बाद ही शौचालय भर गया, पानी के लिए जो चार वाटर टावर लगाए गए तीन तो काम करना ही बंद कर दिया।

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सूजा गांव की प्रमिला देवी ने कहा कि हम्मर गांव में समस्या क अंबार भै गेलै हन, जे नेता हाथ जोयर वोट मांगय ल ऐयथिन हुनका हांथ पर गरम पानी धे देबै। दरअसल 40 वर्षीय प्रमिला इस बात से नाराज थी कि गांव में सात निश्चय योजना से बने शौचालय व नल सीएम नीतीश कुमार के उद्घाटन के बाद वापस होने के साथ ही बेकार हो गए। सार्वजनिक शौचालय व स्नानागार का इस्तेमाल तो कुछ दिनों तक हुआ लेकिन पानी व मल निकासी की व्यवस्था नहीं रहने से उसका इस्तेमाल करना दुभर हो गया।

समस्या के बारे में जब गांव के लोगों से बात की गई तो लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रिया दी। बिभा देवी ने कहा कि गांव में पानी नहीं आता है, गरीब लोग चापाकल से पहले भी पानी पीते थे, आज भी पीते हैं। भोला सदा ने कहा कि सब कुछ फेल छै, भैर ठहुना के खद्धा में शौचालय बनै छै, सब जनही तनही गाछी बिरछी में शौचालय जाय छीयैय, नैय। बबिता देवी ने कहा कि बहुत चीज के दिक्कत होए रहलै हन, लैटरिंग, बाथरूम, जे नाली बनैल कै ओकर पानी घौरैय में घुसय जाय छै। जब से इ सब बनैलय हन वोकर बाद से कौय देखैल नय आलैय हन।

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दैनिक भास्कर ने सूजा गांव में सात निश्चय योजना की धरातल पर क्या स्थिति है, इसकी पड़ताल जब सूजा गांव जाकर की तो स्थिति काफी भयावह मिली। गांव के हरेक व्यक्ति के दिल में सरकार के प्रति काफी आक्रोश था। खासकर महिलाएं सरकार इस नीति के खिलाफ आग बबुला थी। सूजा गांव में हर घर नल का जल योजना के तहत चार वार्ड में चार वाटर टावर लगाए गए। लेकिन वर्तमान में वार्ड 12 के लगभग 112 घरों में पानी पहुंच रहा है बांकि के वार्ड 8, 13 और 16 का जल मिनार उद्घाटन के दो दिन बाद से ही बंद है। नल या तो टूट गई है या फिर कुड़े के ढ़ेर में पड़ी है। शौचालय भी बंद पड़ा है। पानी निकासी के लिए बनाया गया नाला कचरे से भरा है।