BJP के लिए बापू का हत्यारा नाथूराम देशभक्त है, तो उसका मुझे देशद्रोही कहना लाजिमी है: कन्हैया

New Delhi: Begusarai से भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी  (CPI) की लोकसभा चुनाव 2019 के उम्मीदवार kanhaiya kumar  ने ट्वीट के जरिये, भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भाजपाईयों के लिए गोडसे देशभक्त है तो उसका हम जैसों को देशद्रोही कहना लाज़िमी है। शुक्र है भाजपा हमें देशभक्त नहीं मानती। यह बयान प्रज्ञा ठाकुर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें वो महात्मा गांधी की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे को देशभक्त बता रही थी।

भाजपा क्यों कन्हैया को देशद्रोही मानती है-

फरवरी 2016 में जेएनयू में एक कश्मीरी अलगाववादी, जिसने 2001 में भारतीय संसद पर हमले के दोषी, मोहम्मद अफजल गुरु को फांसी के खिलाफ राष्‍ट्रविरोधी नारे लगाने के आरोप में, कन्हैया पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि कन्हैया पर अभी तक आरोप साबित नहीं हो पाया है। गौरतलब है कि कन्हैया जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय (जेएनयू) 2015 में छात्रसंघ के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए थे।

ऐसे क्यों बोली प्रज्ञा-

यह बयान उस समय आया जब उनसे कमल हासन ने गोडसे को पहला हिंदू आतंकी बताया। इसी पर जब Pragya से प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उसने कहा कि नाथूराम गोडसे देशभक्त थे। देशभक्त हैं और देशभक्त रहेंगे। उन्हें हिंदू आतंकवादी बताने वाले अपने गिरेबान में झांककर देखें। प्रज्ञा भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की भोपाल से लोकसभा चुनाव 2019 के उम्मीदवार है।

हालांकि प्रज्ञा ने इस बयान पर माफी मांगते हुए कहा कि अगर बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई है, तो मैं उसके लिए माफी मांगती हूं। गांधीजी ने जो देश के लिए किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। यह मेरी निजी राय थी। मेरा इरादा किसी की भावनाएं भड़काने का नहीं था। मेरे बयान को मीडिया ने तोड़-मरोड़कर पेश किया है।

प्रज्ञा पहले भी अपने बयानों से भाजपा को मुश्किल में डाल चुकी है। प्रज्ञा ने कहा था कि हेमंत करकरे को संन्यासियों का श्राप लगा और मेरे जेल जाने के करीब 45 दिन बाद ही वह 26/11 के मुंबई आतंकी हमले का शिकार हो गए।

आखिर क्या कहा था कमल हासन-

Tamilnadu में चुनाव प्रचार करते हुए हासन ने कहा था कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी एक हिंदू ही था और उसका नाम नाथूराम गोडसे था। मैं यह इसलिए नहीं कह रहा हूं क्योंकि यहां पर अधिकांश मुस्लिम मौजूद हैं। मैं Mahatma Gandhi  की मूर्ति के सामने खड़ा होकर यह कह रहा हूं।