प्रशांत किशोर ने अनुशासन तोड़ा,जदयू जल्द ही निर्णय लेगी कि उनके साथ क्या करना है-अरविंद निषाद

PATNA: JDU प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा है कि प्रशांत किशोर बिना पार्टी की अनुमति के पश्चिम-बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से व्यावसायिक उद्देश्य से मुलाकात की है। इसपर जदयू जल्द ही निर्णय लेगी कि उनके साथ क्या किया जाए। आपको बता दें कि प्रशांत किशोर अगले महीने से ममता की पार्टी टीएमसी के लिए चुनावी रणनीति बनाने का काम शुरु करने वाले हैं।

निषाद ने कहा कि इससे पहले भी प्रशांत, आंध-प्रदेश की राजनीतिक पार्टी YSR के साथ व्यावसायिक काम किये हैं। अब वे ममता की पार्टी TMC  (Trinamool Congress) के साथ जुड़ने जा रहे हैं, तो पार्टी उनके इस कदम पर निर्णय करेगी कि हमें अपने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत के साथ क्या करना है? आने वाले दिनों में,  इसपर जल्द ही निर्णय होगा क्योंकि उनका यह कदम पार्टी के अनुशासन को तोड़ने जैसा है।

क्या है पूरा मामला-

किशोर और ममता के बीच लगभग दो घंटे की लंबी राजनीतिक बातचीत हुई है। किशोर पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता की जीत के लिए राजनीतिक रणनीति बना सकते हैं। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या PK जदयू में रहते हुए, बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए रणनीति बनायेंगे?

इसी पर भाजपा प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल ने कहा है कि व्यक्तिगत तौर पर कोई किसी से मिल सकता है। अगर PK चुनावी रणनीति बनाने के लिए मिले हैं तो यह उनकी अपनी योजना होगी। अगर वे अपनी कंपनी के तरफ से किसी के लिए योजना बनाते हैं तो इससे भाजपा को कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि यह उनका रोजगार है। वैसे भी बंगाल में भाजपा की सुनामी आ गयी है। ऐसे में मनमोहन सिंह हो या प्रशांत किशोर, किसी की भी रणनीति बंगाल में काम नहीं करेगी।

जदयू नेता अजय आलोक ने कहा है कि ऐसी कोई जानकारी मेरे पास नहीं है, लेकिन अगर ऐसा है तो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष की बिना अनुमति के ममता से यह मुलाकात संभव नहीं है। व्यक्तिगत स्तर पर कोई भी रणनीतिकार किसी को भी सलाह दे सकता है, लेकिन पार्टी के पद पर रहते हुए यह कदापि संभव नहीं है।