अशोक यादव को मिले टिकट पर वंशवाद की आंच, कहा-‘मैं पार्टी का कार्यकर्त्ता हूँ इसलिए मिला टिकट’

PATNA: राजनीतिक दलों में अधिकतर परिवारवाद की जंग छिड़ी रहती है। कभी भाजपा कांग्रेस पार्टी पर वंशवाद का आरोप लगाती है तो कभी कांग्रेस पार्टी भाजपा पर। अब मधुबनी लोकसभ सीट से बीजेपी के अशोक यादव (ASHOK YADAV) को टिकट मिलने के बाद एक बार फिर वंशवाद आरोप-प्रत्यारोप लगाया जा रहा है।

वंशवाद के आरोप के चलते मधुबनी से बीजेपी के उम्मीदवार अशोक यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अशोक यादव ने टिकट मिलने को लेकर कहा कि पार्टी ने उन्हें टिकट वंशवाद के चलते नहीं दी है। वो पार्टी के कार्यकर्त्ता हैं जिसके चलते उन्हें मधुबनी लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। बता दें कि अशोक यादव बीजेपी के वरिष्ठ नेता और अपने बयानों के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाले सांसद हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे हैं।

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हुकुमदेव नारायण यादव के बेटे होने के चलते विरोधी दलों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि अशोक यादव को वंशवाद के चलते ही टिकट दिया गया है। जानकारी मिल रही है कि इस बार लोकसभा चुनाव में हुकुमदेव नारायण यादव ताल नहीं ठोकेंगे। जिसके चलते उनके बेटे अशोक यादव को टिकट दिया गया है। बता दें कि अशोक यादव केवटी विधानसभा से तीन बार बीजेपी से विधायक भी निर्वाचित हुए हैं। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में वे आरजेडी के प्रत्याशी के सामने पराजित हो गए थे।

जहाँ एक तरफ तो बीजेपी वंशवाद की राजनीतिक का आरोप कांग्रेस पार्टी और आरजेडी पर लगाती है वहीँ दूसरी तरफ बीजेपी में खुद वंशवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजनीति की बात करें तो यहाँ मौक़ा देखकर चौंका मारने की फितरत हो जाती है। आज आरजेडी और कांग्रेस पार्टी बीजेपी पर वंशवाद का आरोप लगा रही हैं तो कल बीजेपी इन दोनों दलों पर यही आरोप लगाएगी।