नक्सलियों के आईइडी ब्लास्ट में शहीद हुआ लखीसराय जिले का लाल, गाँव में पसरा मातम

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PATNA : बुधवार को औरंगाबाद -गया जिले के सीमावर्ती पचरूखिया लंगुराही के जंगल में नक्सलियों द्वारा किये गए आईईडी ब्लास्ट में कोबरा 205 बटालियन के सब इन्स्पेक्टर रौशन कुमार शहीद हो गए। विस्फोट के बाद उनके पैर में छर्रा लग गया था जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए पटना लाया गया। लेकिन इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। घटना उस वक़्त की है जब सीआरपीएफ, कोबरा और जिला पुलिस के जवान नक्सलियों की धरपकड़ के लिए औरंगाबाद-गया जिले के सीमावर्ती जब्गलों में सर्च अभियान चला रहे थे। 

गया के एसएसपी राजीव मिश्रा के अनुसार बुधवार को नक्सलियों ने पचरूखिया लंगुराही के जंगल में फायरिंग की थी जिसके बाद कोबरा के जवानों ने जवाबी फायरिंग की। सर्च ऑपरेशन के दौरान आईइडी मिला जो विस्फोट कर गया और सब इन्स्पेक्टर रौशन कुमार घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए पत्नालगा गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी जान चली गई। सीमावर्ती इलाकों में सर्च अभियान अभी भी चलाया जा रहा है। औरंगाबाद एसपी ने बताया कि सर्च अभियान के दौरान करीब 3 आईइडी मिले थे इसी क्रम में एक में विस्फोट हो गया। 

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शहीद सब इन्स्पेक्टर रौशन कुमार लखीसराय जिले के रामगढ़चौक थाना अंतर्गत गरसंडा गांव के रहने वाले थे। 11 दिन पहले ही उनकी पोस्टिंग दिल्ली से गया के लिए हुई थी। अपने पिता के इकलौते बेटे थे। रौशन के पिता मिथलेश सिंह मोकामा में वेटनरी डॉक्टर हैं। उनके शहीद होने की खबर के बाद गाँव में मातम का माहौल है।  रौशन कुमार ने 2016 में सीआरपीएफ में सब इन्स्पेक्टर के पद पर ज्वाइन किया था। दिसंबर 2018 में कोबरा 205 बटालियन में आये और डॉ महीने बाद ही शहीद हो गए।  विस्फोर के बाद जवानों ने सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सलियों के जुटे होने की सूचना के बाद ही सर्च ओपरेशन चलाया गया था। शहीद जवान के श’व को तिरंगे में लपेट कर गाँव पहुँचाया गया।