ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से हों चुनाव- बाबूलाल मरांडी

RANCHI:झारखंड विकास मोर्चा (जेवीएम) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि उनकी पार्टी ईवीएम से चुनाव कराये जाने के पक्ष में नहीं है।रांची में पार्टी कार्यसमिति की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि अमेरिका और इंग्लैंड जैसे विकसित देशों में भी ईवीएम से चुनाव नहीं कराए जाते हैं। अब बाबूलाल मरांडी ईवीएम के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।उनके अनुसार, ईवीएम में गड़बड़ी की जा सकती है। पार्टी को ईवीएम पर भरोसा नहीं है।

लोकसभा चुनाव के नतीजे पर बाबूलाल मरांडी ने कहा कि बैठक में सर्वसम्मति से जनादेश का सम्मान करने का निर्णय लिया गया। निश्चित रूप से पार्टी को अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं मिला। यह चिंता का विषय है। लेकिन हमारी भी अन्य पार्टियों की तरह यही मांग है कि  आगामी चुनाव बैलेट पेपर से हों।

बाबूलाल मरांडी

इसी साल होने हैं झारखण्ड में विधानसभा चुनाव-

झारखंड में इसी साल विधानसभा चुनाव भी होने हैं। 2014 के विधानसभा चुनावों में झारखण्ड विकास मोर्चा सिर्फ 2 सीटें ही जीत सकी थी । लोकसभा चुनाव में जेवीएम महागठबंधन के तहत दो सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन गोड्डा और कोडरमा दोनों जगहों पर पार्टी को हार मिली।कोडरमा में बाबूलाल मरांडी बीजेपी की अन्नपूर्णा देवी से हार गये। मरांडी के नेतृत्व में ही भाजपा ने  1998 के लोकसभा चुनावों में झारखंड क्षेत्र की 14 में से 12 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। 2006 में बाबूलाल मरांडी ने लोकसभा और भाजपा दोनों की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था । इसके बाद बाबूलाल मरांडी ने झारखंड विकास मोर्चा नामक पार्टी का गठन कर लिया था।2014 लोकसभा चुनाव की मोदी लहर में झारखंड विकास मोर्चा एक भी सीट जीतने में सफल नहीं ही पायी थी। इन चुनावों में भाजपा ने 14 में से 12 सीटें जीतीं थी।